रामगोपाल जेना/चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के सिंहपोखरिया मौजा के निवासियों ने गांव से होकर एनएच75ई की बाईपास सड़क के लिए अपनी बहुफसली सिंचित जमीन देने से मना कर दिया है. मौजा के निवासियों ने सदर अंचलाधिकारी को इस संबंध में ग्रामसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव की लिखित प्रति सौंपी है, जिसमें ग्रामसभा द्वारा एनएच बाईपास के लिए गांव की जमीन नहीं देने का निर्णय लिये जाने की बात कही गई है. ग्रामीणों ने इस संबंध में सदर अंचलाधिकारी द्वारा सिंहपोखरिया गांव के रैयतों और ग्रामीणों को गुमराह करने का कुत्सित प्रयास करने का भी आरोप लगाते हुए इसे असहनीय करार दिया है. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि चाईबासा सदर अंचलाधिकारी के कार्यालय से जारी पत्र में एनएच75ई पर चाईबासा में बाइपास सड़क के निर्माण के लिए निर्धारित तिथि को रैयतों की भूमि की वंशावली का मौजा मुंडा के द्वारा सत्यापन कराने के लिए शिविर आयोजित किये जाने की जानकारी दी गई है. वहीं, निर्धारित तिथि, शनिवार 12 अप्रैल को अंचलाधिकारी सिंहपोखरिया में प्रतिनियुक्त कर्मचारी के साथ स्वयं भी गांव पहुंच गए. यही नहीं, अंचलाधिकारी ने उपस्थित ग्रामीणों के सामने कह दिया कि सिंहपोखरिया मौजा के रैयत हितबद्ध के रूप में मुआवजा ले चुके हैं. अंचलाधिकारी की इस बात पर सिंहपोखरिया मौजा के रैयत और खूंटकटी रैयत रक्षा समिति के सचिव केदारनाथ कालुंडिया ने अंचलाधिकारी से मुआवजा ले चुके सिंहपोखरिया गांव के ग्रामीणों के नामों की सूची की मांग की तो वे जिला भूअर्जन पदाधिकारी द्वारा ऐसा कहे जाने की बात करने लगे. अंचलाधिकारी के पास न किसी लाभुक का नाम था और न ही मुआवजा ले चुके ग्रामीणों की कोई सूची. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रामीणओं का सवाल है कि अगर सिंहपोखरिया गांव के किसी रैयत ने मुआवजा ले लिया तो फिर अंचल कार्यालय से रैयतों की वंशावली मौजा मुंडा से सत्यापित कराने के लिए किसी कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति कर उसके लिए तिथि क्यों निर्धारित की गई? ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी पर इस तरह सिंहपोखरिया गांव के रैयतों और ग्रामीणों को गुमराह करने का कुत्सित प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यह असहनीय है. अंचलाधिकारी की बात के जवाब में ग्रामीणों ने उन्हें ही सिंहपोखरिया ग्राम सभा के द्वारा पारित प्रस्ताव की लिखित प्रति सौंपी जिसमें ग्रामीणों द्वारा अपनी बहुफसली सिंचित कृषि भूमि को एनएच75ई के प्रस्तावित चाईबासा बाईपास सड़क निर्माण के लिए देने को बिल्कुल तैयार नहीं होने की बात कही गई है. बैठक में इलाका मानकी मोना सिंह सवैयां, मौजा मुंडा दीपू सवैयां, रैयत मनमोहन सवैयां, रामेश्वर सवैयां, अधिवक्ता सुरेश सोय और खूंटकटी रैयत रक्षा समिति के अध्यक्ष बलभद्र सवैयां, रंजन मुंडुइया और ग्रामीण उपस्थित थे.



