रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : गुरुवार को चक्रधरपुर मंडल रेल मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी सभागार में चक्रधरपुर लिटिल पर्ल्स स्कूल का वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया. समारोह में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने आकर्षक एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीआरएम की धर्मपत्नी सह सर्वो अध्यक्ष डॉ निक्की हुरिया, सीएमएस की धर्मपत्नी लोपामुद्रा मिश्रा तथा विद्यालय की सचिव भारती मीना ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया, जिसके बाद बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ. यूकेजी-ई के बच्चों ने स्वागत नृत्य से कार्यक्रम की शानदार शुरुआत की. विद्यालय की प्रिंसिपल अलका बोस ने आगत अतिथियों का स्वागत किया. (नीचे भी पढ़ें)

प्ले ग्रुप के बच्चों ने “ऑन द ब्राइट डे”, नर्सरी-डी के विद्यार्थियों ने “बेस्ट डे ऑफ माय लाइफ”, नर्सरी-ए ने “नो नो नो” तथा नर्सरी-बी ने “चोको चोको” पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया. एलकेजी-ए एवं बी के विद्यार्थियों ने राजस्थानी लोक नृत्य से सांस्कृतिक रंग बिखेरा, जबकि यूकेजी के विद्यार्थियों ने “बॉक्स ऑफ इमोशन” प्रस्तुति से भावनात्मक संदेश दिया. एलकेजी-सी एवं डी के बच्चों ने नागपुरी लोक नृत्य प्रस्तुत कर स्थानीय संस्कृति की झलक दिखाई. ज्ञानपथ के विद्यार्थियों ने “फ्रेंड्स आर माय फ्रेंड” पर प्रस्तुति दी, वहीं एलकेजी-ई एवं एफ के बच्चों ने पंजाबी डांस से माहौल को और आकर्षक बना दिया. यूकेजी-सी एवं डी के बच्चों ने “गुश्ताख दिल तेरे लिए” गीत पर नृत्य कर खूब तालियां बटोरीं. (नीचे भी पढ़ें)

समारोह के दौरान वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पुरस्कार वितरण कार्यक्रम भी आयोजित हुआ. यूकेजी-ए के देवांश चौधरी, पल्लवी कुमारी, असरा फातिमा; यूकेजी-बी के हर्षिता महतो, अनुश्री देउरी, प्रसून्न तिर्की; यूकेजी-सी के निशांत मुर्मू, माहिरा मेहरीन, एन ललिथा प्रसन्न; यूकेजी-डी के अंजली वीर, भूमिका कुमारी, प्रिंस राज, यूकेजी-ई के आरुषी गुप्ता, चिरंजीव कुमार, धर्म सिंह सुंडी तथा ज्ञानपीठ के मुस्कान प्रधान, आरोही बारला और कृतिका प्रधान को अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
मुख्य अतिथि डॉ निक्की हुरिया ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि वह बच्चों के सर्वांगीण विकास का माध्यम है. उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और संस्कार को जीवन का आधार बनाने की सलाह दी. अंत में उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विद्यालय की निरंतर प्रगति के लिए शुभकामनाएं दीं.




