रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : मधुसूदन महतो उच्च विद्यालय के बहु उद्देशीय सभागार में क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण का विषय था – “छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देना” (प्रोमोटिंग मेंटल हेल्थ एंड वेलनेस एमंग स्टूडेंट्स). कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई. कार्यक्रम का शुभारंभ संसाधन सेवी संजय कुमार प्रधान, बासुदेव महतो, प्राचार्य प्रशांत तिवारी, विद्यालय प्रशिक्षण नोडल अधिकारी जगदीश जामुदा, सहायक शिक्षिका संगीता कुमारी एवं प्रमोद कुमार महतो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. (नीचे भी पढ़ें)

प्रशिक्षण के दौरान संसाधन सेवियों ने बताया कि छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए पाठ्यक्रम में तनाव प्रबंधन, योगाभ्यास एवं आत्म-देखभाल जैसी गतिविधियों को शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालयों में समावेशी एवं सुरक्षित वातावरण का निर्माण आवश्यक है, ताकि छात्र अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त कर सकें. कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य की परेशानियों से जूझ रहे छात्रों की पहचान के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई. संसाधन सेवियों ने बताया कि ऐसे छात्र प्रायः शिक्षकों से दूरी बनाने लगते हैं, आंखों में आंखें डालकर बात नहीं करते तथा खेल और अन्य गतिविधियों में रुचि कम दिखाते हैं. कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उपायों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ. सकारात्मक वातावरण निर्माण, मानसिक स्वास्थ्य को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना तथा कला और रचनात्मक गतिविधियों, जैसे पेंटिंग, ड्रॉइंग, नृत्य एवं संगीत को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया. साथ ही, समय-समय पर काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने और शारीरिक व सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया. छात्रों के लिए नियमित रूप से खुला संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की भी बात कही गई. कार्यक्रम में मंच संचालन सहायक शिक्षिका निधि महतो एवं शालिनी कुमारी गुप्ता ने किया, जबकि सहायक शिक्षिका इला मेहता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ.





