
Chakuliya : पश्चिम बंगाल सीमा से सटे चाकुलिया प्रखंड की बर्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत के पहाड़ पर बसे पोचापानी गांव के दर्जनों युवा रोजगार की तलाश में विधानसभा चुनाव से पूर्व ही गांव से अन्य राज्यों की ओर पलायन कर गये हैं. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में युवाओं के लिए रोजगार का कुछ साधन नहीं है. ग्रामीण सालों भर जंगल और खेती पर निर्भर रहते हैं. किसी तरह मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. कहा कि गांव में सरकारी योजना के तहत कार्य भी काफी कम होता है. इस कारण ग्रामीण बेरोजगारी से जूझ रहे हैं. गांव के सालकु मांडी, दिवाकर मांडी, खुदीराम मांडी, माताल मांडी, मनोज मांडी, दुखु मांडी, चन्द्रमोहन मांडी, बबलु टुडू, सपन टुडू, धांगड़ सबर, कोंदा सबर, देवा सबर, कमला सबर, छोटो सबर, बाजुन टुडू, राम चांद सबर, फागु सबर समेत अन्य रोजगार के लिये पलायन कर गये हैं. इनके अलावा होंदो सबर, सुनिया सबर, रोशनी सबर और कानी सबर अपने परिवार के साथ अन्य राज्यों में रोजगार के लिये पलायन कर गये है. ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ पर गांव होने के कारण ग्रामीण सरकारी योजना का लाभ पाने से भी वंचित हैं. गांव में 65 परिवार हैं, परंतु अब तक एक भी परिवार को पीएम आवास या गैस चूल्हा व सिलेंडर नहीं मिला है. गांव में न तो सरकारी पदाधिकारी आते हैं और न ही जन प्रतिनिधि. इस कारण गांव विकास से वंचित है.

गांव में है रोजगार की कमी, रोजगार के लिए युवा कर रहे हैं पलायन : संध्या मांडी
पोचापानी गांव की वार्ड पार्षद संध्या मांडी ने कहा कि गांव में रोजगार की कमी है. ग्रामीण बेरोजगारी से जूझ रहे हैं. रोजगार की तलाश में हर वर्ष दर्जनों युवा गांव से पलायन करते हैं. गांव में साल में एक-आध सरकारी योजना के तहत कार्य होता है, जिससे सभी को रोजगार नहीं मिल पाता है. उन्होंने कहा कि चुनाव से पूर्व ही दर्जनों युवा रोजगार के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन कर गये. कुछ युवा वोट देने के लिए वापस गांव आये थे, जो वोट देने के बाद पुनः रोजगार के लिए बाहर चले गए हैं.







