
जमशेदपुर : जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका जादूगोड़ा स्थित यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) के 2016-17 स्वैच्छिक इस्तीफा योजना मंच के सदस्यों ने गुरुवार को बैठक कर न्याय के लिए अब मुख्य धारा से हटकर अब जंगल का रास्ता इस्तेमाल करने की बात कही है. बैठक में मंच के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि नॉमिनी का भविष्य काफी अंधकारमय हो गया है. कहा कि 2016-17 के मंच के सदस्यों को जल्द से जल्द यूसिल में नौकरी के बहाली के लिए एवं दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए विगत कई महीनों से मांग की थी. उनकी मांगों को लेकर एसडीओ, विधायक, मंत्री आदि के पास गए थे परंतु यूसिल प्रबंधन की नीतियों के कारण अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है. मालूम हो कि यूसिल जादूगोड़ा माइंस 2016-17 स्वैच्छिक इस्तीफा योजना मंच के सदस्य परिजन को शारीरिक स्थिति कार्य करने के अनुकूल नहीं थी, अतः उन्होंने कंपनी द्वारा प्रदत स्कीम वर्ष 2016-17 से पूर्व यूसीएल से सेवानिवृत्त त्यागपत्र अंतर्गत स्वैच्छिक सेवानिवृत्त हुए एवं पिता के चिकित्सीय दस्तावेज में भी उक्त तथ्य का उल्लेख यूसीआईएल के डॉक्टर व प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किया गया था. उक्त स्कीम की शर्त थी कि सेवानिवृत्त त्यागपत्र नियोजन कार्यालय के पांच वर्ष पूर्व देनी होगी तभी उनके लड़के, जो वयस्क होंगे, वह जॉब के लिए योग्य होंगे. स्कीम अनुकूल उन लोगों के पिता, जो कार्य करने की स्थिति में नहीं थे और डॉक्टर द्वारा उन्हें अनफिट किया गया था. तत्पश्चात जॉब हेतु वे लोगों का भी मेडिकल कराया गया था और जॉब का आश्वासन दिया गया था किंतु यूसीएल प्रबंधन ने एक सुनियोजित साजिश अपनाते हुए जॉब संबंधित आवश्यक सारे क्रियाकलाप करने के पश्चात पुनः अवैध रूप से यूसीएल के डॉक्टर के सहयोग वे लोगों के पिता को जबरन फिट घोषित कर उनसे कार्य लिया जा रहा है. हमें रोजगार से वंचित कर दिया गया जबकि हम सभी अपने भविष्य को लेकर उच्च शिक्षा विभिन्न स्थानों पर जॉब पर थे, जिसे छोड़कर हम लोग जादूगोड़ा आ गए हैं. यूसिल प्रबंधन के उक्त कृत्य से हमारा भविष्य व जीवन अंधकार में हो गया है. इस बैठक में मृणाल महतो, राजीव नामाता, प्रकाश भकत, गौतम गुप्ता, सामंतों गोप, किसन बास्के, राकेश, मानसिंग मांझी, रवि शंकर सहित काफी सदस्य शामिल थे. सदस्यों ने यह रणनीति बनाई गयी है कि अब उनका भविष्य यूसिल प्रबंधन के कारण अंधकारमय हो गया है और अब वे मुख्यधारा को छोड़कर जंगल की ओर जाएंगे.




