
जमशेदपुर : टाटा समूह की तीन बड़ी कंपनियां टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और टाटा कमिंस गेट का घेराव 17 नवंबर को होने जा रहा है. यह घेराव सत्ताधारी झामुमो के विधायकों के नेतृत्व में ही किया जायेगा. टाटा कमिंस के मुख्यालय को जमशेदपुर से बाहर ले जाने के मुद्दे पर यह घेराव और नाकेबंदी एक दिन का है. इसका नेतृत्व झामुमो के जमशेदपुर जिला अध्यक्ष सह घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन कर रहे है. 17 नवंबर को टाटा स्टील के जेनरल ऑफिस गेट के कार्यक्रम का नेतृत्व विधायक समीर महंती, विधायक सविता महतो, पूर्व सांसद सुमन महतो, अल्पसंख्यक मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष हिदायत खान के साथ साथ बलदेव भुइयां द्वारा किया जाएगा. टाटा स्टील के बिष्टुपुर थाना समीप गेट का नेतृत्व विधायक संजीव सरदार के साथ-साथ केंद्रीय महासचिव मोहन कर्मकार, केंद्रीय सचिव आस्तिक महतो, केंद्रीय सचिव राजु गिरी, केंद्रीय सदस्य योगेंद्र कुमार निराला, सुनील महतो एवं अकरम खान द्वारा किया जाएगा. टाटा मोटर्स मुख्य गेट टेल्को का नेतृत्व जिला अध्यक्ष सह विधायक रामदास सोरेन के साथ-साथ केंद्रीय सचिव शेख बदरुद्दीन, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद लाल, केंद्रीय सदस्य महावीर मुर्मू, केंद्रीय सदस्य नरोत्तम दास, झामुमो मजदूर यूनियन के महासचिव शैलेंद्र मैंती, जिला सचिव लाल्टु महतो एवं जमशेदपुर नगर दलगोविंद लोहरा द्वारा किया जाएगा. टाटा कमिंस प्राइवेट लिमिटेड टेल्को के गेट का नेतृत्व विधायक मंगल कालिंदी के साथ-साथ केंद्रीय कीड़ा मोर्चा के अध्यक्ष मनोज यादव, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोड़िया सोरेन, जिला उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति, जिला परिषद पिंटू दत्ता, जमशेदपुर प्रखंड अध्यक्ष बहादुर किस्कु द्वारा किया जाएगा. दूसरी ओर, इस गेट घेराव को लेकर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है जबकि पुलिस बल भी तैनात कर दिये गये है. इसके तहत बिष्टुपुर के जेनरल ऑफिस गेट पर सीसीआर से क्यूआरटी बल तैनात किये गये है जबकि सीसीआर से इसकी तैनाती की जायेगी. इसके अलावा सिदगोड़ा के सीआरएम बारा गेट पर जुगसलाई क्यूआरटी बल तैनात होंगे. बिष्टुपुर के टाटा स्टील गेट पर भी ऐसी ही तैनाती की गयी है. इसके अलावा टाटा कमिंस गेट और टाटा मोटर्स गेट पर भी तैनाती की गयी है. बिष्टुपुर, सिदगोड़ा, बर्मामाइंस, टेल्को थानेदार को एलर्ट किया गया है. सीसीआर डीएसपी को भी तैनात रहने को दिया गया है. ट्राफिक डीएसपी का धरना प्रदर्शन में देखरेख करने की जिम्मेदारी दी गयी है. सिटी एसपी को अलर्ट किया गया है.
टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों के लिए आने जाने का रास्ता बदला
टाटा स्टील ने झामुमो के नाकेबंदी को देखते हुए अपने कर्मचारियों के लिए आने जाने के रास्ते को बदल दिया है. इसके तहत यह बताया गया है कि जीओआरसी कैंटीन और टेलीफोन एक्सचेंज गेट को पूरी तरह बंद रखा जायेगा. इस रास्ते से कोई गाड़ी सुबह 9 बजे से रात के 10 बजे तक आना जाना नहीं करेगी. लोगों को अगर आना जाना करना है तो एल टाउन गेट से दो चक्का और चार चक्का और पैदल जाने वाले कर्मचारी जा सकेंगे जबकि एन रोड गेट से दोपहिया और पैदल चलने वालों के लिए रास्ता खुलेगा. (नीचे देखे पूरी खबर)

कारोबारियों ने विरोध दर्ज कराया
जमशेदपुर के कारोबारी और कैट के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोंथालिया ने ट्विट कर झामुमो के इस आंदोलन का विरोध किया है. उन्होंने अपने ट्विट में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पीएमओ इंडिया को बताया है कि ”जमशेदपुर की घटनाओं पर ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूँ. आप, हम और अधिकारी नए उद्योग झारखण्ड में स्थापित हो उसके लिए चिन्तित है. दिल्ली तक रोड शो किया जा रहा है. वही आए दिन विधायकों द्वारा कंपनी गेट जाम करना दुखद है. आग्रह है इस पर ध्यान देंगे. उन्होंने टाटा स्टील की सराहना भी की है और एक अन्य ट्विट में कहा है भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और जनजातीय गौरव दिवस पर टाटा स्टील द्वारा आयोजित संवाद सम्मेलन आदिवासी/ जनजातीय संस्कृति को मज़बूत करने की दिशा में बड़ा कदम के साथ जनजातीय समुदाय से जुड़ी कला को प्रदर्शित करने का भी बड़ा मंच है. इसकी सराहना की गयी है. (नीचे देखे पूरी खबर)

झामुमो का गेट जाम सिर्फ राजनीतिक स्टंटबाजी और व्यक्तिगत स्वार्थ पूर्ति का प्रयास: भाजपा
झामुमो द्वारा टाटा समूह के तीन बड़ी कंपनियों के घेराव को भाजपा ने युवा विरोधी और राजनीतिक स्टंट करार दिया है. मंगलवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव ने प्रेस-विज्ञप्ति जारी कर झामुमो की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे निम्न स्तर की राजनीति बताया. उन्होंने कहा कि झामुमो नेताओं ने सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने और व्यक्तिगत स्वार्थ पूर्ति हेतु टाटा कंपनी के गेट जाम करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि सत्ता में काबिज होने के बाद झामुमो नेतागण पूरे शहर को अशांत करने की साजिश कर रहे हैं. जिससे औद्योगिक नगरी जमशेदपुर ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश में भय का वातावरण बन गया है. महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के समर्थन पर भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोरोना जैसी भयंकर त्रासदी के दौरान दो अस्पतालों को बंद करने की उपलब्धि वाले मंत्री पिछले दो साल के कार्यकाल में शहर में एक अस्पताल भी खुलवा ना सके और वहीं शांतिपूर्ण चल रहे उधोगों को बंद कराने में अपनी भूमिका निभाने लगे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार में राजधानी रांची में हजारों रोजगार वाली दो बड़ी टेक्सटाइल कंपनियों में ताले लग गए. पिछले दो वर्ष में एक भी निवेशक ने प्रदेश में निवेश नही किया है परंतु बड़े-बड़े चुनावी वादे करने वाली झामुमो पार्टी निवेश के अवसर बढ़ाने के बजाय झारखंड में उधोग-धंधे बंद कराने में लगी है. वहीं, उन्होंने कहा कि झामुमो के विधायकों को अपनी व्यक्तिगत नफा-नुकसान को छोड़कर राज्य व शहर के विकास को बल देने की दिशा में कार्य करना चाहिए. जिलाध्यक्ष गुंजन यादव ने शहरवासियों से ऐसी विकास विरोधी दल और ऐसे नेताओं को चिन्हित कर उनके बहिष्कार करने की अपील की है.



