
जमशेदपुर : टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन की सर्वोच्च संयुक्त कमेटी (एपेक्स बॉडी) जेसीसीएम की बैठक बुधवार की सुबह हुई. टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन की अध्यक्षता में यह मीटिंग हुई, जिसमें प्रबंधन की ओर से लगभग सारे वाइस प्रेसिडेंट और यूनियन के सारे 11 पदाधिकारी मौजूद थे. इस बैठक में मुख्य तौर पर डाइवर्सिटी एंड इंक्लूशन, एमिनिटीज, इसीबीएस ट्रेनिंग पर विस्तार से प्रकाश डाला गया. इस दौरान तय किया गया कि जमशेदपुर पूर्वई में बिष्टुपुर के जी टाउन क्लब हाउस की तरह एक और क्लब बनाने पर सहमति भी बनायी गयी. इसके अलावा कर्मचारियों के लिए क्वार्टर को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया. सितंबर 2021 को पिछली मीटिंग जेसीसीएम की हुई थी. अभी उसके बाद यह मीटिंग हुी. इस दौरान सबसे पहले टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष शहनवाज आलम के 35 साल पूरे होने पर उनको लांग सर्विस अवार्ड दिया गया जबकि डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह को टाटा स्टील में काम करने का 30 साल हो गया, जिस पर लांग सर्विस अवार्ड दिया गया. इस दौरान एमडी टीवी नरेंद्रन ने देश की अर्थव्यवस्था और स्टील के बाजार पर विस्तार से चर्चा की और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला. इस दौरान कंपनी के लागत खर्च में कटौती करने पर भी बल दिया गया. टाटा स्टील के एमडी ने कहा कि जमशेदपुर प्लांट को कैसे सस्टेनेबल (सतत टिकाऊ) बनाया जाये, इसको लेकर सबको मिलकर काम करना होगा. (नीचे देखे पूरी खबर)

इसके बाद टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने एमडी टीवी नरेंद्रन को आभार जताया कि कोरोना में आयी कमी के बीच फिजिकल मीटिंग शुरू हो गयी है. कोरोना की तीसरी लहर की लड़ाई भी हम लोगों ने बेहतर की थी, जिसका नतीजा है कि इस तीसरी लहर को हम लोगों ने अच्छे से पार कर दिया. इस दौरान टाटा स्टील के एडमिनिस्ट्रेशन के चीफ रितुराज ने नागरिकों के कचड़ों से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर प्रेजेंटेशन दिया. इस पर एमडी ने कहा कि किस तरह समुदाय को जोड़कर किस तरह जागरुकता पर काम करना है, इस पर भी चर्चा की गयी. बैठक में पिछले मीटिंग का रिव्यू भी किया गया, जिसमें कर्मचारियों के ट्रेनिंग को और सुदृढ़ करने पर चर्चा की गयी. नये सीरीज के कर्मचारियों के लिए बीएससी ओटी प्रोग्राम के ब्रिज कोर्स शुरू करने पर चर्चा की गयी और इसको मंजूरी दी गयी. जेसीसीएम के अंतर्गत नयी कमेटी डाइवर्सन और इंक्लूशन (बदलाव लाना और समावेश करना) पर एक साथ मिलकर काम करने पर मुहर लगी. इस दौरान संयुक्त कमेटी के आकलन के लिए एक मैकेनिज्म (तंत्र) को विकसित करने का फैसला लिया गया, ताकि अच्छा काम करने वाली ज्वाइंट कमेटी को सम्मानित किया जा सके और उसको और आगे ले जाया जा सके.






