
जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधिग्रहित कंपनी तार कंपनी के अधीकृत यूनियन तार कंपनी यूनियन के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गयी है. यूनियन के पूर्व महामंत्री आशीष अधिकारी गुरुवार को एक बार फिर से जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय के आवास पर पहुंचे और करीब 46 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा. इन लोगों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि गत सप्ताह उन लोगों ने यूनियन अध्यक्ष को 216 कर्मचारियों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा था, जिसमें दो बातों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया था. पहला की यूनियन संविधान के अनुसार यूनियन का तीन साल का कार्यकाल 7 अक्टूबर 20221 को समाप्त होकर चार माह बीत चुका है. परन्तु अभी तक यूनियन का चुनाव नहीं हुआ है जबकि दिसम्बर के अन्त में तार कंपनी के बगल के 5000 से अधिक कर्मचारी टाटा मोटर्स यूनियन के चुनाव बिना किसी रोक टोक के सुचारू रूप से सम्पन्न हो गया. इन लोगों ने कहा है कि यह एक विडम्बना है कि 460 कर्मचारियों का चुनाव को टाला जा रहा है. इन लोगों ने अपने पत्र में कहा है कि वे लोग तार कम्पनी के चुनाव करवाने को लेकर अध्यक्ष के पास अगस्त महीने से करीब दस बार आ चुके हैं एवं ज्ञापन भी सौंप चुके हैं. लेकिन उनके आग्रह को लेकर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गयी है. दूसरा यह कि माह अगस्त 2021 में आशीष अधिकारी और उनकी टीम ने अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय को कुछ कर्मचारियों द्वारा हस्ताक्षरित यूनियन सदस्यता फॉर्म अध्यक्ष के हाथों फॉरवर्ड करवाकर महामंत्री को दिया था, लेकिन छः महीने बीत जाने के बाद भी अब तक उन लोगों को यूनियन की सदस्यता नहीं दी गई. महामंत्री से पूछने पर कहते हैं कि उनकी मर्जी कि वे लोग किसे सदस्यता दें, और किसे न दें. इन लोगों ने शिकायत की है कि अध्यक्ष के स्वीकृति प्रदान करने के बाद भी महामंत्री द्वारा कर्मचारियों को यूनियन की सदस्यता नहीं देना, उनके तानाशाही रवैये को दर्शाता है. इन लोगों ने मांग की है कि आगामी यूनियन चुनाव को देखते हुए वर्ष 2018 में जिस डिपॉर्टमेन्ट का जिस निर्वाचन क्षेत्र में मत प्रक्रिया पूर्ण की गई थी, उसी आधार पर आने वाले चुनाव को भी सम्पन्न करायी जाये ताकि चुनाव को सुचारु रुप से कराया जा सके. वैसे इस बार आशीष अधिकारी और उनकी टीम अध्यक्ष के सामने काफी तल्ख दिखे.







