
जमशेदपुर : टाटा स्टील के न्यू वेज सीरीज के कर्मचारियों के प्रोमोशन को देखते हुए टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी, महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह के संयुक्त प्रयास के बाद एक नया समझौता पर मंगलवार को समझौता हुआ. इस समझौता से एनएस ग्रेड (न्यू सीरीज) के कर्मचारियों को आसानी से प्रोमोशन मिल सकेगा जबकि वे कर्मचारी के ही ऊपरी ग्रेड में प्रोमोशन ले सकेंगे जबकि कर्मचारी अब आसानी से ऑफिसर भी बन सकेंगे. मंगलवार को ऑपरेटिव ट्रेनी (ओटी) ब्रिज कोर्स के लिए यूनियन और प्रबंधन के बीच समझौता किया गया. यूनियन की मांग पर टाटा स्टील प्रबंधन ने न्यू सीरीज के वैसे कर्मियों के लिए ओटी ब्रिज कोर्स की मांग को पूरा करते हुए सहमति प्रदान कर दी है. इस समझौता के दौरान प्रबंधन की ओर से वीपी एचआरएम अत्रेयी सान्याल, जुबीन पालिया, राहुल दुबे और यूनियन की ओर से अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने हस्ताक्षर किया. मालूम हो कि न्यू वेज सीरीज में ऐसे कई कर्मचारी हैं, जो फिजिक्स, कैमेस्ट्री, मैथेमेटिक्स के साथ बीएससी स्नातक की डिग्री हासिल किये हुए हैं और कंपनी में कर्मचारियों के ग्रेडवार ग्रुप एक और दो पर काम कर रहे हैं. लेकिन डिप्लोमा नहीं होने की वजह से ऐसे कर्मचारी ग्रुप 3 यानी एनएस 7-एनएस 9 के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में उनका प्रमोशन बाधित हो रहा है जबकि वह उसके हकदार थे. यूनियन की इस मांग को प्रबंधन ने समझा और उस पर सहमति जताते हुए इस पर मंगलवार को समझौता कर लिया गया. इस समझौता के साथ ही सारे एनएस ग्रेड के कर्मचारी प्रोमोशन भी पा सकेंगे जबकि उनको ऑफिसर तक बनने का अब अवसर खुल जायेगा. अब तक ऐसा अवसर स्टील वेज के कर्मचारियों को ही मिलता था. उपरोक्त मामले पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद, यूनियन और प्रबंधन ने ऐसे कर्मचारियों के लिए एक ऑपरेटिव ट्रेनी ब्रिज कोर्स शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है ताकि ज्ञान की खाई को पाटने के लिए उनके तकनीकी और वैचारिक ज्ञान को बढ़ाया जा सके और उन्हें अपने करियर में काम करने के लिए विकास का अवसर प्रदान किया जा सके. उच्च पद प्रभावी ढंग से और कुशलता से जहां आवश्यक न्यूनतम योग्यता धातुकर्म में डिप्लोमा या समकक्ष है. ओटी ब्रिज कोर्स के तौर-तरीकों के संबंध में, यह सहमति हुई कि एसएनटीआई में आयोजित ऑपरेटिव ट्रेनी ब्रिज कार्यक्रम में 44 सप्ताह का पाठ्यक्रम शामिल होगा जो 2 भागों में होगा अर्थात भाग ए- 20 सप्ताह और भाग बी-24 सप्ताह और मूल / दोहराने के आधार पर शाम के समय में वितरित किया जाएगा. पार्ट-ए ई-लर्निंग मॉड्यूल के माध्यम से दिया जाएगा और पार्ट-बी में ऑनलाइन, क्लासरूम और लैब प्रशिक्षण का संयोजन शामिल होगा और शाम को आयोजित किया जाएगा. कोरोना की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सभी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. बैच का आकार लगभग 25 प्रशिक्षु का होगा. इस कार्यक्रम की शुरुआत इस समझऔता के दो माह के भीतर शुरू हो जायेगा.
ओटी ब्रिज कोर्स के लिए योग्यता : (नीचे पढ़े क्या है योग्यता की जरूरत)
- भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के साथ स्नातक पूरा किया होना चाहिए.
- विज्ञापन की तिथि के अनुसार आयु 45 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए.
- विज्ञापन की तिथि तक टाटा स्टील में 5 (पांच) वर्ष की स्थायी सेवा पूरी कर ली हो.
- पांच साल की नौकरी में कम से कम दो वर्ष मैन्यूफैक्चरिंग डिपार्टमेंट, आरएंडडी, साइंटेफिक सर्विस या टेक्नोलॉजी ग्रुप में काम किया होना चाहिए
- प्रतिभागियों का चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जायेगा.
चयन और पाठ्यक्रम के पूरा होने के बाद, मूल्यांकन निम्नलिखित मानदंडों पर किया जायेगा. - थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में पास मार्क्स 60 प्रतिशत होना चाहिए.
- भाग-ए परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद, प्रतिभागी भाग-बी में प्रवेश के लिए पात्र होंगे. जो प्रतिभागी किसी भी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पायेंगे, उन्हें परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए परिणाम की घोषणा से कम से कम 15 दिनों के अंतराल पर परीक्षा उत्तीर्ण करने का एक और मौका दिया जायेगा. यदि प्रतिभागी दूसरे प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहता है, तो वे इस पाठ्यक्रम से बाहर कर दिया जायेगा.
- भाग-बी में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले प्रतिभागी परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होंगे और वे इस पाठ्यक्रम से बाहर कर दिया जायेंगे.
- सफलतापूर्ण उत्तीर्ण होने पर, ऐसे कर्मचारियों को एक प्रमाण पत्र दिया जायेगा जिसे धातुकर्म में डिप्लोमा के समकक्ष माना जायेगा और उन्हें एनएस-07 (या समकक्ष) / 1 एल 6 पदों के लिए पात्र माना जायेगा.
कोर्स स्ट्रक्चर :
यह ओटी ब्रिज कोर्स 44 सप्ताह का का होगा जो दो भाग में होगा. यह कोर्स एसएनटीआई से कराया जायेगा. पहले भाग में 20 सप्ताह का कोर्स होगा जबकि दूसरे भाग में 24 सप्ताह को होगा. पार्ट ए ई-लर्निंग मॉड्यूल के माध्यम से दिया जायेगा और पार्ट बी में ऑनलाइन, क्लासरूम और लैब प्रशिक्षण का संयोजन शामिल होगा जो शाम को आयोजित किया जायेगा. कोविड 19 स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जायेगा. एक बैच में 25 प्रशिक्षु को शामिल किया जायेगा.





