
जमशेदपुर : पटना के रांची जोन के केंद्रीय जीएसटी के अपर आयुक्त संतोष कुमार पटना द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को बुलाई गई. स्पेशल आउटरीच प्रोग्राम के तहत बुलाई गई वर्चुअल मीटिंग को पटना के रांची जोन के सेंट्रल जीएसटी के मुख्य आयुक्त दीपक अरोड़ा ने संबोधित किया. बैठक में राज्य भर के विभिन्न व्यापार प्रतिनिधियों ने भाग लिया. सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से सचिव कर और वित्त पीयूष कुमार चौधरी ने बैठक में भाग लिया. उन्होंने विभिन्न मुद्दों को मुख्य आयुक्त के सामने रखा. उन्होंने मुख्य आयुक्त को बीआईएफए रिपोर्टिंग के नाम पर अधिकारियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की जानकारी दी. विभाग के पास उपलब्ध गलत आंकड़ों के आधार पर डीलरों को कई नोटिस जारी किए जा रहे हैं और बिना किसी गलती के बार-बार वही डाटा मांगा जा रहा है. मुख्य आयुक्त ने इस मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लिया और जमशेदपुर के केंद्रीय जीएसटी आयुक्त महफुजुर रहमान को इस मामले को देखने के लिए कहा. श्री चौधरी ने यह भी बताया कि विभाग एक वर्ष से अधिक समय तक विभिन्न मामलों में आईटीसी को अनब्लॉक नहीं कर रहा है, जो कि कानून के खिलाफ है. इस पर दीपक अरोड़ा ने अधिकारियों को फटकार लगायी और ऐसे मामलों को उनके संज्ञान में लाने का आदेश दिया. श्री पीयूष ने मुख्य आयुक्त को जल्द से जल्द जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन की आवश्यकता से अवगत कराया. उन्होंने यह भी बताया कि आईटीसी के नए प्रावधान विशेष रूप से छोटे डीलरों के लिए काला कानून हैं और सरकार से अनुरोध किया कि डीलरों को बेचने वाले डीलरों द्वारा नहीं दिखाए जाने पर भी अस्थायी आधार पर आईटीसी लेने की अनुमति दें. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि चूंकि शुरुआती दिनों में जीएसटी पोर्टल स्थिर नहीं था, इसलिए डीलरों के पास उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पहले दो वर्षों के लिए आईटीसी की अनुमति दी जानी चाहिए और बाद की अवधि के लिए, धारा 16 (4) में संशोधन किया जाना चाहिए और खरीदार को अपनी ओर से जीएसटीआर 2 में बिल विवरण डालने की अनुमति दी जानी चाहिए जो विक्रेता ने दर्ज नहीं किया है. उन्होंने अनुरोध किया कि यदि सरकार सभी डीलरों को कम से कम एक बार दाखिल रिटर्न में संशोधन करने की अनुमति देती है तो अधिकांश विवादों को एक बार में हल किया जा सकता है. मुख्य आयुक्त दीपक अरोड़ा ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और उन्हें केंद्र सरकार को संप्रेषित करने का आश्वासन दिया ताकि इसे यथासंभव लागू किया जा सके. इस मीटिंग में सिंहभूम चेंबर के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, उपाध्य टैक्स व फाइनांस दिलीप गोलछा, महासचिव मानव केडिया, पूर्व सचिव राजीव अग्रवाल, पीआरडब्ल्यू के सचिव भारत मकानी सचिव भी बैठक में मौजूद थे.





