
जमशेदपुर/मुंबई : टटा संस में 18.4 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले सबसे बड़े निजी शेयरधारक शापूरजी पालनजी ग्रुप के अरबपति उद्योगपति पालोनजी मिस्त्री का मुंबई में मंगलवार की अहले सुबह निधन हो गया. वे 93 साल के थे. वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. उनके निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विट कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की है. बिजनेस टाइकून के रुप में उनकी पहचान थी और देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म सम्मान से भी उनको भारत सरकार सम्मानित कर चुकी है. पारसी समुदाय से आने वाले शापूरजी पालनजी समूह के चेयरमैन रहे पालनजी मिस्त्री के छोटे बेटे सायरस मिस्त्री है, जो टाटा समूह के चेयरमैन भी थे, जिनको बाद में हटा दिया गया था. शापूरजी पालनजी समूह इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, पानी, ऊर्जा और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है. पालनजी मिस्त्री की विरासत काफी बड़ी है, जिसमें करीब 50 हजार से ज्यादा कामगार है जबकि करीब 50 देशों में उनकी कंपनी काम कर रही है. फोर्ब्स मैगजीन के हाल के आंकड़ों के मुताबिक, वे दुनिया के अमीर लोगों में 125वें स्थान पर आते हैं. वर्ष 2021 में उनको भारत का 9वां सबसे अमीर व्यक्ति बताया गया था. उनकी ही कंपनी यूरेका फोर्ब्स है, जो 1982 में मुंबई से शुरू हुई और फिर मल्टीनेशनल भारतीय कंपनी बन गयी. लोगों को भारत में शुद्ध पानी पीने की ट्रेनिंग इसी कंपनी ने दी यानी पालनजी मिस्त्री के आइडिया पर ही यह काम शुरू हुआ और घर-घर में एक्वागार्ड पहुंच गया और शुद्ध पानी की अहमियत लोगों ने जाना. यूरेका फोर्ब्स के अब एयर प्यूरीफायर, होम सिक्यूरिटी, वैक्यूम क्लीनर समेत कई उत्पाद है. वैसे इस कंपनी को अमेरिका की निजी कंपनी एडवेंट इंटरनेशनल के हाथों बाद में इस समूह ने बेच दिया. पालनजी मिस्त्री की कंपनी शापूरजी पालनजी समूह के पास टाटा संस की 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है. टाटा संस ही टाटा ग्रुप को संचालित करता है. शापूरजी पालनजी समूह की स्थापना 1865 में हुई थी और इसी कंपनी ने मुंबई के मशहूर होटल ताज पैलेस की बिल्डिंग और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की बिल्डिंग को बनाया था. इसके अलावा वह विदेशों में भी काम कर चुका है. 1972 में ही इस कंपनी को पहली बार भारत के बाहर ओमान के सुल्तान का राजमहल बनाने का आर्डर दिया गया था. (नीचे देखे सायरस मिस्त्री के साथ जुड़ाव की खबर)

बेटा सायरस मिस्त्री बना था टाटा समूह का चेयरमैन, लेकिन हटा दिया गया
पालनजी मिस्त्री के दो बेटे है. उनके बड़े बेटे बिजनेस देखते है जबकि उनके छोटे बेटे सायरस मिस्त्री है, जो दिसंबर 2012 में रतन टाटा के रिटायर होने के बाद टाटा संस के चेयरमैन बनाये गये थे. विवादों के बाद अक्टूबर 2016 में सायरस मिस्त्री को टाटा समूह के चेयरमैन का पद छोड़ना पड़ा. मामला सुप्रीम कोर्ट गया तो वहां से भी उनको राहत नहीं मिली और उनको हटाने के फैसले को सही ठहराया गया था.
पालनजी मिस्त्री से जुड़े कुछ अहम जानकारियां :
1947-पालनजी मिस्त्री अपने परिवार के निर्माण व्यवसाय से 18 साल की उम्र में जुड़े
1970-शापूरजी पालनजी ने मिडल इस्ट में परियोजना पर काम शुरू किया
1972-ओमान के सुल्तान के लिए अल आलम पैलेस का निर्माण किया
2003-पात्सी पेरिन दुबाश से शादी करके पालनजी मिस्त्री आयरिश देश के नागरिक बन गये
2010-शापुरजी पालनजी समूह ने 60 मंजिला इमारत द इंपीरियल बनाया
2011-पालनजी मिस्त्री के छोटे भाई सायरस मिस्त्री, टाटा समूह के अध्यक्ष बनाये गये
2012-कंस्ट्रक्शन कंपनी को अपने बड़े बेटे शापूर के नाम कर दिया
2014-सायरस मिस्त्री ने सड़क, हवाई अड्डा, हाउसिंग सेक्टर में 8 अरब डॉलर से अधिक खर्च करने की योजना बनायी




