
जमशेदपुर : टाटा स्टील की शत-प्रतिशत सब्सिडियरी वाली कंपनी टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर (पहले जुस्को) की अधीकृत यूनियन जुस्को श्रमिक यूनियन के चुनाव कराने को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान जुस्को श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय और याचिकाकर्ता गोपाल जायसवाल के वकीलों के बीच जमकर बहस हुई. इस सुनवाई के दौरान अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय को कोर्ट ने तलब कर लिया. उनको बकायदा कोर्ट के डॉक में खड़ा कराकर हाईकोर्ट ने पूछा कि आखिर वे अध्यक्ष कब से है और अभी क्या है. इस दौरान रघुनाथ पांडेय ने कहा कि वे यूनियन के अध्यक्ष अभी नहीं है, सिर्फ को-ऑर्डिनेटर है. करीब डेढ़ घंटे तक बहस चली, जिसमें यूनियन अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय ने मांग की कि चनाव कराने की इजाजत दी जाये क्योंकि कर्मचारियों का वेज रिवीजन और अन्य मुद्दे लंबित है और कई सारे फैसले नहीं लिये जा सके है. इस दौरान रघुनाथ पांडेय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा हाजिर हुए जबकि याचिकाकर्ता गोपाल जायसवाल की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन ने बहस की. इस दौरान गोपाल जायसवाल ने मांग की कि आमसभा (एजीएम) से लेकर यूनियन की पूरी चुनावी प्रक्रिया को नियमों के तहत डीसी और एसएसपी की देखरेख में करायी जाये क्योंकि गलत तरीके से रघुनाथ पांडेय सत्ता पर काबिज होना चाहते है. इस दौरान अध्यक्ष से पूछा गया कि क्यों नहीं चुनाव कराना चाहते है. उन्होंने कहा कि डीसी और एसएसपी की देखरेख में चुनाव अगर कोर्ट चाहे तो करा लें, लेकिन वे चाहते है कि अब तक जहां तक चुनावी प्रक्रिया हो चुकी है, वह प्रक्रिया के बाद की सारी प्रक्रिया को संपन्न करा ली जाये. हाईकोर्ट में करीब डेढ़ घंटे तक बहस चली और फिर 14 जुलाई को सुनवाई की नयी तिथि निर्धारित कर दी गयी. (नीचे देखे पूरी खबर)

क्या है जुस्को श्रमिक यूनियन का मामला :
टाटा स्टील की शत-प्रतिशत सब्सिडयरी वाली कंपनी टाटा स्टील यूआइएसएल (पहले जुस्को) की अधीकृत यूनियन जुस्को श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष रहते हुए रघुनाथ पांडेय ने यूनियन की आमसभा करायी थी और चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी थी. चुनावी प्रक्रिया के खिलाफ सवाल उठाते हुए जुस्को यूनियन के विपक्ष के नेता गोपाल जायसवाल समेत अन्य नेताओं ने श्रम विभाग में शिकायत की थी, जिसके बाद श्रम विभाग की संयुक्त सचिव ने चुनाव पर रोक लगा दी थी. इस रोक के खिलाफ जुस्को श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी, जिसकी संख्या 3795/2020 है. इस मामले में गोपाल जायसवाल और अन्य ने मध्यस्थता याचिका दाखिल कर दी थी. इस बीच 2022 के मई माह में रघुनाथ पांडेय के खिलाफ और चुनाव की मांग को लेकर एक याचिका नये सिरे से गोपाल जायसवाल ने दर्ज कर दी थी. इन सारे केस को एक साथ जोड़कर सुनवाई शुरू हुई है.






