
सरायकेला : बीते 29 अगस्त (2019) को सरायकेला-खरसावां जिला के आरआइटी थाना अंतर्गत बाबा कुटी रोड नंबर S/9 की रहने वाली वीमेंस कॉलेज की एक छात्रा का शव उसके घर में पंखे के सहारे झूलता पाया गया था. जहां परिजन द्वारा स्कूटी नहीं दिए जाने की बात कहकर छात्रा के सुसाइड की बात बताकर पुलिस को गुमराह किया गया था. वहीं पुलिस ने भी मामले में नियम को ताक पर रखते हुए लापरवाही बरतते हुए पूरी रात छात्रा के शव को परिजनों के भरोसे उसी के घर में छोड़ दिया था. वैसे शार्प भारत ने अपने 30 अगस्त के अंक में पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाया था. वैसे लापरवाही के मामले पर पुलिस के सभी आला अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी थी. जबकि छात्रा ने अपनी मौत के पीछे एक सुसाइडल नोट भी छोड़ा था, जिसे उस वक्त पुलिस ने दबा दिया था, लेकिन एक कहावत है न कि खैर-खून-खांसी-खुशी-बैर-प्रीत-मद्य-पान छुपाने से नहीं छुपता.. ऋतु का एक सुसाइड नोट शार्प भारत के हाथ लगा है, जिसमें साफ तौर पर उसने अपनी मौत के लिए जिम्मेवार अपने परिववालों को ठहराया है. सुसाइडल नोट के अनुसार ऋतु किसी नितिन नामक युवक से प्यार करती थी, जो परिववालों को मंजूर नहीं था. सुसाइडल नोट में ऋतु ने अपने परिववालों पर खुद को प्रताड़ित करने का भी जिक्र किया है. उसने लिखा है कि नितिन से अलग करने को लेकर उसके परिवार वाले उसे जलाने का भी प्रयास कर चुके हैं. ऐसे में इस बात को बल मिलता है कि ऋतु ने आत्महत्या नहीं बल्कि उसकी हत्या कर उसके शव को पंखे के सहारे टांग दिया गया होगा ! जिसके बाद स्कूटी का बहाना बनाकर परिवार वालों ने पुलिस को गुमराह कर दिया. वहीं पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझे बगैर पूरी रात नियम कानून को ताक पर रखकर शव को उसी के घर में परिवार वालों के भरोसे छोड़ दिया. लेकिन रितु ने जाते-जाते अपने मौत के जिम्मेदारों के नाम खुला पत्र छोड़ दिया. वैसे अब इस पत्र के सहारे वह अपने कातिलों को सजा दिला पाएगी या नहीं ये तो आगे जांच के बाद सामने आएगा, फिलहाल इतना तो तय हो गया कि ऋतु की सुसाइड मिस्ट्री एक कहानी थी. असल में उसकी हत्या की गई थी. वैसे सूत्र बताते हैं कि मामले को रफा-दफा कराने में एक सफेदपोश ने भी बड़ी भूमिका निभाई है.



