
चाईबासा : झारखंड के डीजीपी कलम नयन चौबे ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में कोल्हान के पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक के दौरान उनका स्वागत उपायुक्त अरवा राजकमल, पश्चिमी सिंहभूम के एसपी इंद्रजीत महथा, उपविकास आयुक्त आदित्य रंजन ने किया. इस दौरान उन्होंने पश्चिमी सिंहभूम जिले के एसपी समेत तमाम पदाधिकारियों को कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाये. अगर नक्सली सरेंडर करते है तो उनको सरेंडर पॉलिसी के तहत जरूर लाभ दिलाया जाये, लेकिन अगर नक्सली नहीं मानते है तो फिर उनको माकूल जवाब दें ताकि फिर से वे लोग फन नहीं उठा सके. नक्सलियों के बदलते स्ट्रैटेजी के अनुसार ही पुलिस की स्ट्रैटेजी में होने वाले बदलावों के बारे में भी डीजीपी ने सारे पदाधिकारियों को आगाह किया. इस दौरान नक्सलियों के साथ साथ सोशल पुलिसिंग पर जोर दिया गया. खास तौर पर जनता के साथ संपर्क में रहकर बच्चा चोरी की अफवाह जैसे वारदातों और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर रोक लगाने पर जोर दिया गया. बेहतर काम करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को डीजीपी ने शाबाशी तो दी, लेकिन लापरवाह अधिकारियों को कहा गया कि वे लोग सुधर जाये नहीं तो उनको वीआरएस भी दिया जा सकता है.



