
जमशेदपुर : झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड ने सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से गुरमुख सिंह मुखे के निलंबन की कार्रवाई को आइवाश बताया है. बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष शमशेर सिंह सिद्धू के अनुसार गुरमुख सिंह को तो कमेटी से निष्कासित कर दिया जाना चाहिए. उससे महिला छात्रावास की जिम्मेवारी भी अब वापस ले लेनी चाहिए. गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान गुरमुख सिंह की सदस्यता को खत्म करें तो गुरमुख सिंह सेंट्रल कमेटी से खुद-ब-खुद बाहर हो जाएंगे. बोर्ड ने गुरुवार को बैठक की तथा सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का अगले तीन साल के लिए नया अध्यक्ष चुने जाने की कार्रवाई शुरू करने का आग्रह दलजीत सिंह दल्ली से भी किया. बोर्ड के अनुसार चुनाव संयोजक दलजीत सिंह दल्ली के पास सभी गुरुद्वारा के सदस्यों की सूची है और वे सभी प्रधानों को निर्देश देकर नई सूची भी दस दिन के अंदर मंगा सकते हैं. वे चुनावी प्रक्रिया तथा चुनाव तिथि की घोषणा करें. बोर्ड निष्पक्ष चुनाव अथवा सर्वसम्मति से चुनाव की प्रक्रिया में पूरी तरह से उनके साथ रहेगा. बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने कहा कि संगत सब समझ रही है और पिछले दरवाजे से गुरमुख सिंह को पुनः एक बार अध्यक्ष बनाने की कोशिश उनके समर्थक कर सकते हैं इसलिए निष्कासन की बजाय निलंबन की कार्रवाई की गई है क्योंकि बोर्ड के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बिल्ला के हत्या की साजिश सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के दफ्तर में रची गई थी. उनके समर्थक पुलिस कार्रवाई से डरे हुए हैं. यह स्वाभाविक है कि जब साजिश रची गई होगी तो अंबे और गुरमुख सिंह के साथ उनके कट्टर वैसे समर्थक मौजूद रहे होंगे जिनका आपराधिक इतिहास रहा है. बोर्ड ने जमशेदपुर पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए जांच का दायरा बढ़ाने की भी अपील की है, जिससे उन सफेदपोश प्रधान एवं पूंजीपतियों के चेहरे बेनकाब हो सके. जिनके गलत कामों में गुरमुख सिंह सहयोग करते रहे हैं. इस बैठक में तरलोचन सिंह, अमरजीत सिंह भामरा, गुरमीत सिंह, कुलविंदर सिंह, जोगिंदर सिंह जोगी, सतबीर सिंह सोमू, सोनू सिंह, ऋषि सिंह, डिंपल सिंह, सतपाल सिंह, जसवंत सिंह, जसपाल सिंह, सुरजीत सिंह आदि उपस्थित थे. गौरतलब है कि सीजीपीसी प्रमुख गुरमुख सिंह मुखे पर आरोप है कि उन्होंने सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बिल्ला पर गोलियां चलवायी और हमलावरों को सीजीपीसी कार्यालय में ही सुपाड़ी दी, संरक्षण दिया. इबादत के स्थान पर इस तरह की साजिश करने को सिख समाज ने गंभीरता से लिया और सीजीपीसी प्रमुख गुरमुख सिंह मुखे को निलंबित कर दिया. लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है और सिख समाज में ऊबाल है. गुरमुख सिंह मुखे अभी जेल में बंद है.






