
जमशेदपुर : झारखंड प्रदेश जनता दल यूनाइटेड की सात सदस्यीय दल ने पूर्व सांसद और जदयू के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सालखन मुर्मू के नेतृत्व में पश्चिम सिंहभूम जिले के बुरुगुलीकेरा गांव का दौरा किया. इन लोगों ने वहां पिछले दिनों हुए सात लोगों की हत्या की जानकारी ली. इस प्रतिनिधिमंडल में सालखन मुर्मू के अलावा सुमित्रा मुर्मू, सतीश सिंह चंद्रवंशी, बिनोद गोप, सुबेदार बिरुआ, सोनाराम सोरेन और कविराज मुर्मू शामिल थे. इन लोगों ने पीड़ितों से मुलाकात की और घटना के वक्त मौजूद ग्रामीणों से भी जानकारी हासिल की. इन लोगों ने जांच करने के बाद जमशेदपुर में संवाददाताओं से बातचीत की और कहा कि बुरुगुलीकेरा नरसंहार के पीछे पत्थलगढ़ी समर्थकों और विरोधियों के बीच हुए संघर्ष का नतीजा है. पीएलएफआइ और माओवादियों का कोई मामला ही नहीं है. अआपसी रंजिश का यह मामला भी नहीं है. इन लोगों ने पाया कि बुरुगुलीकेरा नरसंहार के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से हेमत सोरेन की सरकार दोषी है, जिसने शपथ लेते ही पत्थलगढ़ी के मामले में शामिल सभी के मुकदमों को वापस लेने की घोषणा कर पत्थलगढ़ी जैसे संविधान विरोधी क्रियाक्लाप में शामिल दोषियों को उत्साहित किया है. पत्थलगढ़ी निश्चित रुप से भारत के संविधान और व्यवस्था के विरोधियों के सहयोग से संचालित है. चूंकि, इस पत्थलगढ़ी में संविधान की गलत व्याख्या और प्रचार कर आदिवासियों को देश के खिलाफ भड़काकर हिंसा फालने का काम हो रहा है, यह पारंपरिक आदिवासी पत्थलगढ़ी नहीं है. जदयू की टीम ने मांग की है कि भारत सरकार इस मामले में अविलंब एनआइए लगाकर इसकी जांच करें नहीं तो झारखंड सरकार और चर्च झारखंड को बरबाद कर देंगे.







