
जमशेदपुर : बारीगोड़ा ब्लास्ट मामले में परसुडीह थाना में जान से मारने की नियत से घर में आग लगाना और धमाका करने का मामला दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है. वैसे मामला अजीत कुमार सिंह द्वारा दर्ज कराया गया है. वहीं मामला दर्ज होते ही पुलिस तफ्तीश में जुट गई है. वैसे यह साफ हो गया है कि घटना ऐसी ब्लास्ट से नहीं हुआ था, बल्कि वहां बम ब्लास्ट की घटना हुई थी. दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस आरोपी ब्रजेश कुमार सिंह के खिलाफ छापेमारी में जुट गई है.
गौरतलब है कि बीते सोमवार को परसुडीह थाना अंतर्गत बारीगोडा स्थित टाटा मोटर्स कर्मी के घर जोरदार धमाका के साथ आग लग गई थी. जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. वही घंटों मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया जा सका था. जिसमें दो बच्चे सहित परिवार के 5 लोग बुरी तरह से घायल हुए थे. वही पहले आशंका जताई जा रही थी कि घटना ऐसी ब्लास्ट के कारण हुई है, लेकिन धमाके की तीव्रता को देखते हुए मामले को बम ब्लास्ट से जोड़कर तफ्तीश शुरू कर दी गई है.
वैसे जमशेदपुर के सिटी एसपी और एफएसएल की टीम ने जांच की है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है लेकिन इससे पहले जमशेदपुर पुलिस ने यह बयान दिया है ”परसुडीह कांड में फॉरेंसिक जांच टीम एवं विस्फोटक खोजी एवं निष्क्रिय दस्ता द्वारा किये गए जांच में ये पता चला कि वहां पर विस्फोटक इस्तेमाल नहीं किया गया है. घटना के कारण यह हो सकता है कि शॉर्ट सर्किट होने के उपरांत फाल्स सीलिंग एवं ऊपर छत के बीच में जमा हुए गैस के कारण विस्फोटक का इफ़ेक्ट आया है. अग्रतर अनुसंधान जारी है. इसको लेकर सवाल ऐसा उठ रहा है कि जब एफएसएल की रिपोर्ट आनी बाकी है तो पुलिस पहले कैसे गैस से हुआ विस्फोट बता रही है और अगर गैस का विस्फोट है तो ब्लास्ट को लेकर एफआईआर क्यो दायर की गई.





