
जमशेदपुर : जमशेदपुर के फुड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एफसीआइ) के खाद्यान्न व्यापारी गोलमुरी रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी अमरजीत सिंह पर अपराधियों द्वारा किये गये हमले के बाद उसने शुक्रवार की देर रात को दम तोड़ दिया. अमरजीत सिंह पिछले दिनों ही सरायकेला के पास सदर अस्पताल में गंभीर हालत में बरामद किया गया था. करीब 14 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अमरजीत की मौत हो गयी, लेकिन पुलिस उस पर हमला करने वालों को नहीं पकड़ पायी. एक युवा कारोबारी और सिख समुदाय का जगमगाता सितारा की मौत हो गयी, लेकिन पुलिस चुप है, सरकार चुप है और सिख समुदाय के लोग भी चुप है. आपको बता दें कि गोलमुरी रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी अमरजीत सिंह का साकची बाजार में गुरमित क्लोथ नामक एक दुकान भी है. उसके भाई गुरमित सिंह ने बताया कि भाई घर से पिछले दिनों ही निकला था और देर रात तक घर नहीं आया था. इसके बाद गोलमुरी पुलिस को उन लोगों ने लिखित सूचना दी, जिसके बाद उसके मोबाइल का अंतिम लोकेशन सरायकेला के भोलाडीह में मिला. परिजन भोलाडीह गये. काफी खोजबीन की. सरायकेला सदर अस्पताल भी गये, लेकिन कोई नहीं मिला. इसके बाद यह खबर आयी कि उनके भाई के जैसा कोई व्यक्ति बेहोश मिला है. इसके बाद परिजन पहुंचे और उनको उठाकर सीधे टीएमएच में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. उनको गंभीर चोटें आयी थी. यह आशंका जतायी जा रही है कि एफसीआइ के व्यापार में काफी लोगों के निशाने पर अमरजीत था, जिस कारण उसको पीटा गया है. यह भी कहा जा रहा है कि अमरजीत सिंह वहां पैसे का तगादा करने गया था, जहां उसकी पिटाई की गयी होगी. अब उसके साथ ही वह राज भी चला गया, जिससे कुछ खुलासा हो पाता. सरायकेला थाना में भी मामले में एफआइआर दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी.





