
रांची : झारखंड की राजधानी रांची सिविल कोर्ट स्थित एमपी-एलएलए से संबंधित केस की सुनवाई को लेकर गठित विशेष अदालत में जमशेदपुर के पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार को बरी कर दिया गया है. इस मामले में मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसके बाद बुधवार को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. डॉ अजय कुमार के अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने बताया कि नक्सली समर से बातचीत का जो सीडी जारी किया गया था, उसका एफएसएल रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया गया था जबकि इस मामले के शिकायतकर्ता डॉ दिनेशानंद गोस्वामी और विधायक सरयू राय भी बयान नहीं दिया, जिसके बाद कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में डॉ अजय कुमार को बरी कर दिया.
क्या है मामला
2011 के लोकसभा उपचुनाव के दौरान का यह मामला है. वर्ष 2011 में साकची थाना में केस दर्ज किया गया था. भाजपा के तत्कालीन प्रत्याशी डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने लोकसभा चुनाव में डॉ अजय कुमार द्वारा नक्सली समर से सहायता लेने और भाजपा को हराने के लिए नक्सली से मदद मांगने का एक सीडी जारी किया था. इसमें सरयू राय की भूमिका सामने आयी थी. वर्ष 2011 के लोकसभा उपचुनाव में सरयू राय और डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने उस समय झारखंड विकास मोर्चा के प्रत्याशी डॉ अजय कुमार की नक्सली समर से तथाकथित बातचीत की सीडी जारी की थी. मतदान के दिन सरयू राय और डॉ गोस्वामी ने सीडी जारी की थी. दोनों नेताओं ने चुनाव जीतने के लिए नक्सली समर से बातचीत का सीडी जारी कर दिया था. इस मामले को लेकर डॉ अजय कुमार के खिलाफ साकची थाना में केस दर्ज किया गया था जबकि साकची थाना में डॉ अजय कुमार ने सरयू राय और दिनेशानंद गोस्वामी द्वारा फर्जी सीडी जारी करने का मामला दर्ज कराया था. इस मामले में सरयू राय और दिनेशानंद गोस्वामी पहले बरी हो चुके है.






