
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा के पास नक्सलियों द्वारा हमले में बाल बाल बचे भाजपा के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक से मिलने के लिए अंतत: पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी पहुंच गये. उनके सोनुआ स्थित आवास पर वे गये और उनका कुशलक्षेम पूछा. बताया जाता है कि अपराह्न 3 बजे उनको जाने दिया गया और फिर वे सीधे सोनुवा स्थित भाजपा के पूर्व विधायक से मिले. आपको बता दें कि बाबूलाल मरांडी को जाने के दौरान चक्रधरपुर के पास पुलिस द्वारा सुरक्षा कारण बताते हुए रोक दिया गया था. इसके बाद जमकर हंगामा हुआ था, जिसके बाद नक्सलियों के उसी मांद में वे पहुंचे. (नीचे देखे पूरी खबर)
वे घटनास्थल पर भी गये और नक्सली हमले में बाल-बाल बचे पूर्व विधायक से मुलाकात की. उन्होंने यहां कहा कि चक्रधरपुर के बाद उनको जाने नही दिया जा रहा था. यानी चक्रधरपुर के बाद हेमंत सोरेन की सरकार नहीं है और सरकार उनको ही जाने से रोक दे रही है तो आम आदमी का क्या हाल होता होगा. क्या वहां सुरक्षा की व्यवस्था ठीक नहीं है. बाद में बाबूलाल मरांडी कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्व विधायक के पास मिलने पहुंचे. वहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की और कहा कि ये पूर्ण रूप से झारखंड सरकार की विफलता है. अपराधिक और नक्सली घटनाओं में जिस तरह से बढ़ोत्तरी हुई है और प्रशासन इसको रोकने में विफल होती रही है, उससे तो यहीं लगता है कि राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार ने अपराधियों और नक्सलियों के हाथों राज्य को लीज पर दे दिया है. सरकार नाम की चीज ही नहीं है. इस दौरान भाजपा के कई बड़े नेता मौजूद थे.
डीजीपी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि, कहा-शहीदों को मिलेगा मुआवजा और नौकरी, पूर्व विधायक गुरुचरण नायक के बच निकलने की भी होगी जांच
पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हुए हमले में शहीद हुए उनके दोनों अंगरक्षकों को सलामी देने चाईबासा आला अधिकारी पहुंचे. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नीरज सिन्हा, अभियान आईजी सीआरपीएफ, आईजी कोल्हान आयुक्त मनोज कुमार, पश्चिम सिंहभूम जिले के उपायुक्त अनन्य मित्तल जिले के पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा सहित सलाम पुलिसकर्मियों ने दोनों शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उसके बाद डीजीपी नीरज सिन्हा ने शहीदों के परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए तत्काल आर्थिक मदद पहुंचाई और परिवार वालों से कहा कि उनके इंश्योरेंस का 45 लाख रुपये और 25 लाख रुपए मुआवजा और शेष वेतनमान एक मुश्त दिया जाएगा. साथ ही परिवार के लोगों को नौकरी भी दी जाएगी और जो यह घटना हुई है इसकी जांच की जाएगी. यह घटना कैसे हुई, यह पता लगाया जायेगा. शहीद के परिवारवालों ने पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर यह आरोप भी लगाया है कि इस घटना में वह कैसे बच गए. अंगरक्षकों की सहायता करना भी उनका फर्ज था, इस पर डीजीपी ने कहा कि यह जांच का विषय है, इसके हर बिंदुओं पर जांच की जाएगी.













