रांची : झारखंड में राजनीतिक उबाल लाने वाले आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल से मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने करीब 9 घंटे तक पूछताछ करने के बाद देर रात को उनको वापस घर भेज दिया. इससे पहले आईएएस पूजा सिंघल अपने पति अभिषेक झा के साथ प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में पहुंचे. प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को ही उनको सम्मन भेजकर पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में हाजिर होने को कहा था, जिसके आधार पर पूजा सिंघल और अभिषेक झा एक साथ हाजिर हुए. बताया जाता है कि सीए से भी पूछताछ की गई है और पूजा सिंघल और सीए और उनके पति को अलग-अलग कमरे में रखकर पहले पूछताछ की गई. (नीचे देखे पूरी खबर)
उसके बाद तीनों को एक दूसरे के सामने लाकर भी पूछताछ की गई. ईडी की टीम ने जो दस्तावेज बरामद किए हैं. उन सारे दस्तावेजों का मिलान करने के लिए पूजा सिंघल और अभिषेक झा और सीए से लगातार पूछताछ कर रही है. इसके अलावा मनरेगा घोटाला से संबंधित फाइलों की भी जानकारी पूजा सिंघल से मांगी गई. पूजा सिंघल ने किसी तरह के पैसे के लेनदेन से साफ तौर पर इंकार किया है. लेकिन करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने के मामले में उनके तरफ से कोई पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई है. (नीचे देखे पूरी खबर)

यह संभावना जताई जा रही है कि बुधवार को फिर से पूजा से पूछताछ की जा सकती है. दूसरी और झारखंड हाई कोर्ट में अरुण दुबे ने एक हस्तक्षेप याचिका दाखिल की है. याचिका में उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि पूजा सिंघल के मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए. इसके साथ ही उन्होंने हस्तक्षेप याचिका से यह भी मांग की है. इस मामले की जांच कर रही एजेंसी ईडी के कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए. आइए के माध्यम से कोर्ट से यह गुहार लगाई गई है कि पूजा सिंघल के साथ-साथ झारखंड के कुछ अन्य वरीय आईएएस अधिकारियों की संपत्ति की जांच सीबीआई और ईडी से कराई जाए. बता दें कि इससे पहले खूटे के मनरेगा घोटाले की जांच के लिए अरुण दुबे नहीं हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी.




