
(रिपोर्ट अन्नी अमृता) जमशेदपुर : 29 जून की रात सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र के हरिओम नगर रोड नंबर 5 में पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह के साले कन्हैया सिंह की हत्या की गुत्थी अब तक पुलिस नहीं सुलझा पाई है. इस दौरान दर्जन भर से ज्यादा लोगों को पकड़कर पूछताछ की गई, जो अब भी जारी है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला है. एक बात जरुर चर्चा में है कि हो न हो किसी करीबी का हाथ इस हत्याकांड में है. शार्प भारत को सबसे पहले दिए गए एक्क्लूसिव इंटरव्यू में पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह ने जिस तरह विश्वास से कहा था कि उनको ही ‘डाउन’ करने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया है, उससे इस बात को बल मिलता है कि कहीं न कहीं कुछ अंदेशा रहा होगा या किसने किया इसका शक होगा. इंटरव्यू में उन्होंने आत्मविश्वास से कहा था कि वे खुद पता भी लगा लेंगे. अब दिवंगत कन्हैया सिंह की अंतिम फेसबुक पोस्ट से भी इस बात को बल मिल रहा है कि कहीं न कहीं कुछ बात रही होगी. कोई विवाद या ऐसी कोई बात जो अब तक सामने नहीं आ पाई है. आईए देखते हैं कि कन्हैया सिंह की अंतिम फेसबुक पोस्ट क्या थी जो 29 जून को पोस्ट की गई थी(29जून की रात ही हत्या हो गई). उन्होंने लिखा है “चार दिन है जिंदगी, हंसी खुशी में काट लें, मत किसी का दिल दुखा, दर्द सबके बांट लें, कुछ नहीं है साथ जाना, एक नेकी के सिवा, कर भला होगा भला…..”. मौत के कुछ घंटे पहले लिखना कि चार दिन की है जिंदगी, सोचने पर मजबूर करता है. अब ये संयोग है या कोई कारण यह तो पुलिस अनुसंधान से ही पता चलेगा. पोस्ट पढ़ने से तो यही लगता है मानो किसी विवाद या लड़ाई या झगड़ा को व्यर्थ बताते हुए यह कहा जा रहा है कि जिंदगी बहुत छोटी है. तो क्या कोई विवाद था ? क्या कोई ऐसी बात है जो सामने नहीं आई है ? क्या किसी करीबी ने घटना को अंजाम दिया ? क्या अरविंद सिंह को झुकाने के लिए ऐसा कुछ हो सकता है इसका अंदेशा कन्हैया सिंह को हो गया था, जो उन्होंने ऐसा भावुक पोस्ट लिखा ? उम्मीद है पुलिस जल्द मामले का पटाक्षेप करेगी.
29जून की रात घर पर ही गोली मारकर अपराधियों ने कर दी थी हत्या, तफ्तीश जारी
29जून की रात लगभग दस बजे जैसे ही कन्हैया सिंह हरिओम नगर रोड नं-5में एमआईजी के तीसरे तल्ले पर स्थित अपने फ्लैट पर पहुंचे और कालबेल बजाया, सीढ़ियों पर घात लगाए बैठे तीन अपराधियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया और एक ने गोली चलाई और भाग निकले..आनन फानन में चालक और पड़ोसी ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.पुलिस ने शुरू में अंगरक्षक को हिरासत में ले लिया लेकिन परिजनों के कहने पर छोड़ दिया.अंगरक्षक की भूमिका पर भी सवाल उठे और दर्जनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ हुई लेकिन अब तक कुछ नतीजा नहीं निकला.क ई लोगों को पुलिस ने पूछताछ कर छोड़ दिया वहीं अब भी कई लोगों से पूछताछ हो रही है.






