
(अन्नी अमृता की रिपोर्ट ) जमशेदपुर. जमशेदपुर के साकची थाने में पुलिस की पिटाई से आंत निकले कृष्णा मुखी की तस्वीरें वायरल हो चुकी हैं औऱ उससे जुड़े बवाल पर अब एसएसपी प्रभात कुमार ने शार्प भारत से बातचीत की है. एसएसपी ने कृष्णा मुखी के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट से साफ तौर पर इंकार किया है. एसएसपी ने कहा कि बीते रात भर वे खुद अन्य अफसरों के साथ पूरे शहर में रैश ड्राईविंग के खिलाफ अभियान चला रहे थे. साकची में पुलिस ने रैश ड्राईविंग करते कार्तिक मुखी को पकड़ा जिसको छुड़ाने के लिए उसका भाई कृष्णा मुखी बस्ती के लोगों को लेकर पहुंच गया. कृष्णा मुखी का कई बार ऑपरेशन हो चुका है औऱ उसके स्टिच को लेकर कुछ समस्या थी. पुलिस की मार से नहीं उसके अपने कंडीशन से आंत बाहर आया. मामला तूल पकड़ने पर उसे एमजीएम ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसके स्टिच को ठीक किया औऱ रिम्स रेफर किया. एसएसपी ने सवाल उठाया है कि जब रिम्स रेफर किया गया, तब भी कृष्णा मुखी क्यों ऐसी हालत में थाने में बैठा हुआ है? एसएसपी ने आरोप लगाया है कि रैश ड्राईविंग में पकड़े गए कार्तिक मुखी को छुड़ाने के लिए सारा प्रपंच रचा जा रहा है. लेकिन पुलिस रैश ड्राईविंग को लेकर सख्त है. उन्होंने बताया कि रैश ड्राईविंग को लेकर कुल 140 बाईक जब्त की गई है जिनमें से एक कार्तिक मुखी की भी है. ये आरोप निराधार है कि हेल्मेट चेकिंग को लेकर कार्तिक मुखी को पकड़कर थाने लाया गया. एसएसपी ने अपने फोन पर कार्तिक औऱ कृष्णा की मां से बात कराई, जिसमें मां ने बताया कि कृष्णा का टीएमएच, ब्रह्मानंद औऱ वैलोर में पहले चार-पांच ऑपरेशन हो चुके हैं. हालांकि मां ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए. लेकिन एसएसपी ने आरोप को खारिज करते हुए मां से कहा कि बेटे (कृष्णा मुखी) को थाने से ले जाए और इलाज कराए. ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस के रुख को देखते हुए मां एंबुलेंस में कृष्णा मुखी को लेकर थाने से चली गई. उसके बाद धीरे-धीरे मामले को लेकर जुटे अन्य लोग भी चले गए.







