
जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो आज़ादबस्ती निवासी नाजमा खातून की तबीयत अचानक खराब हो जाने के कारण उनके परिवार द्वारा उन्हें टीएमएच में दाखिला कराया गया था. काफी कोशिशों के बावजूद भी डॉक्टरों ने उन्हें बचा नही पाया और उनकी मृत्यु हो गई. इलाजरत उनका कुल 1 लाख 72 हजार रुपये का बिल हुआ था.
इस लॉक-डाउन की घड़ी में परिवार वाले ने काफी मुश्किल से 81 हजार रुपया टीएमएच में जमा करा पाए थे. बाकि रुपया का इंतजाम उनके परिवार द्वारा हो नही रहा था की बकाया रकम को जमा कर मृत शरीर को अस्पताल से घर ले जाये. तब इसकी सूचना मानगो आज़ादबस्ती निवासी शाहेंशाह आलम ने दूरभाष पर कुणाल षाड़ंगी को दिया और उनसे मदद के लिए आग्रह किए. कुणाल षाड़ंगी ने इस पर आगे की प्रक्रिया पूरी करते हुए टीएमएच प्रबंधन से वार्ता कर बाकी का 91 हजार रुपये माफी करावाकर मृत शरीर परिवार को सुपुर्द करवाया. भाई शाहेंशाह आलम ने अपने दोस्त की मदद के लिए वीडियो संदेश के ज़रिए कुणाल षाड़ंगी का शुक्रिया अदा किया हैं.






