
रांची/जमशेदपुर : झारखंड कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष के पद पर रह चुके दो नेता प्रदीप कुमार बलमुचू और सुखदेव भगत इन दिनों राजनीतिक तौर पर हाशिये पर है. सुखदेव भगत प्रदेश अध्यक्ष रहने के बाद पार्टी से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर भाजपा का दामन थाम लिया था, लेकिन वह वहां फिट नहीं बैठ रहे है, जिस कारण वे अब वापसी चाहते है तो 2019 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष पद पर काफी वर्षों तक रहे राज्यसभा के पूर्व सांसद प्रदीप कुमार बलमुचू ने भी कांग्रेस को छोड़ दिया था और आजसू में शामिल हो गये थे. लेकिन दोनों ही नेता अपने अपने जगह से चुनाव हार गये. इसके बाद से ये दोनों नेता, जिसको कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष का पद दिया, वे लोग भी कांग्रेस को छोड़कर चले गये और फिर चुनाव हार गये, जिसके बाद से वे लोग हाशिये पर चले गये है. अब प्रदीप कुमार बलमुचू और सुखदेव भगत ने वापसी के लिए अपना आवेदन आलाकमान को दी है. अपने आवेदन में इन लोगों ने वापसी की गुजारिश की है. हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने इसका विरोध जताया था और कहा था कि जब युद्ध जैसे हालात थे, तब इन लोगों ने चुनाव के वक्त पार्टी को छोड़ दिया था, जिस कारण उनको इंट्री नहीं होनी चाहिए. वैसे अब थोड़ा नरम वे भी पड़े है. अगर डॉ उरांव नहीं होते तो शायद अबतक उनकी ज्वाइनिंग हो गयी होती, लेकिन डॉ उरांव की आपत्ति के कारण उनकी ज्वाइनिंग अब तक नहीं हो पायी है. वैसे अब उनके तेवर कुछ नरम पड़े है. एक संदेश डॉ उरांव को देना था, जो संदेश डॉ उरांव ने दे दिया है, जिससे नेताओं में डर भी है. इस कारण अब संभव है कि प्रदीप बलमुचू और सुखदेव भगत की फिर से ज्वाइनिंग हो सकती है. इस बारे में कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय रांची में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पार्टी के प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि यह सही है कि प्रदीप कुमार बलमुचू और सुखदेव भगत ने पार्टी में लौटने के लिए जरूर आवेदन दिया है. इस पर आलाकमान विचार कर रहा है. आलाकमान का जो आदेश होगा, उसका अनुपालन किया जायेगा.





