
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश पर दुमका में राजद्रोह का मुकदमा दर्ज होने पर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी ने तीव्र भर्त्सना की है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार के इशारों पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर षड्यंत्र पूर्वक कांड दर्ज करना सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग है। उन्होंने इसे असंवैधानिक करार देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सत्तारूढ़ गठबंधन द्वारा अस्वस्थ्य परंपरा की शुरुआत की गई है। भाजपा प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने सरकार के अंदर व्याप्त अंतर्विरोधों को उजागर किया था जो कि सत्तारूढ़ दल की विधायक सीता सोरेन लगातार करतीं आ रही है, जबकि उनकी बातों को अनसुना किया जाता रहा है। कांग्रेस के विधायकों में भी असंतोष और राज्य सरकार संग समन्वय का अभाव है। आंतरिक विरोध और अंतर्द्वंद्व के प्रतिफल में वर्तमान सरकार स्वतः गिर जाये तो किसी को आश्चर्य नहीं होगा। (आगे की खबर नीचे पढ़ें)
कुणाल षाड़ंगी ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में प्रदेश में मजबूत नहीं ‘मजबूर’ सरकार चल रही है। कुणाल षड़ंगी ने राज्य सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि हिम्मत हो तो 24 घंटों के भीतर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी हो। कहा कि राम मंदिर निर्माण का विषय हो या सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट और कृषि बिल का विरोध कर जनता को गुमराह करने वाले सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों, विधायकों और नेताओं पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री षड़ंगी ने कहा कि सरकारी व्यवस्थाओं का दुरुपयोग और शाजिश से झूठे मुकदमे दर्ज करवाकर हेमंत सरकार सच्चाई को नहीं छिपा सकती। भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अविलंब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश पर दर्ज केस वापस लेते हुए स्वस्थ्य राजनीतिक परंपरा स्थापित हो।





