
रांची : झारखंड में भाजपा में झाविमो के विलय के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के खिलाफ चल रहे दल बदल मामले में बुधवार को झारखंड विधानसभा के न्यायाधिकरण में सुनवाई हुई. विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र महतो के न्यायाधिकरण में इसको लेकर सुनवाई हुई. बाबूलाल मरांडी की ओर से पक्ष रखते हुए झारखंड हाईकोर्ट के वकील आरएन सहाय ने कहा कि हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है. उसका फैसला आने तक न्यायाधिकरण में सुनवाई को स्थगित रखी जाये. मामले में अगली सुनवाई 6 अप्रैल तय की गयी है, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष को हाईकोर्ट में जवाब भी दाखिल करना है. इसके जवाब में बंधु तिर्की के वकील सुमित गदोडिया ने कहा कि दोनों केस अलग-अलग है. इस कारण इसकी सुनवाई जल्द पूरी कर कोर्ट दल-बदल मामले में फैसला दें ताकि न्याय में देर नहीं हो. दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधिकरण ने अगली सुनवाई तक के लिए टाल दी. आपको बता दें कि भाजपा में झाविमो का विलय बाबूलाल मरांडी ने कर दिया था. इसके बाद पार्टी के दो विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की कांग्रेस में चले गये थे और दावा किया था कि झाविमो का कांग्रेस में विलय हो गया है. इस बीच भाजपा ने बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता और भाजपा विधायक दल का नेता बना दिया, जिसको मानने से विधानसभा अध्यक्ष ने इनकार कर दिया और इस मामले को लेकर की गयी शिकायत पर सुनवाई की. हालांकि, यह मामला सुप्रीम कोर्ट गया और हाईकोर्ट में भी मामले की सुनवाई चल रही है. इस मामले में न्यायाधिकरण के यहां भी मामला चल रहा है. अभी इस पर फैसला नहीं होने तक सदन बिना विपक्ष के नेता के ही चल रहा है.






