
जमशेदपुर : जमशेदपुर भाजपा में घमासान मचा हुआ है. जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव को बदलने को लेकर जमशेदपुर महानगर के अधीन आने वाले 15 से अधिक मंडलों के अध्यक्ष और पदाधिकारी रांची स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पहुंच गये है. बताया जाता है कि इन लोगों ने जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव के खिलाफ ही शिकायत की है और सांसद प्रतिनिधि के खिलाफ भी आवाज बुलंद की है. लोगों ने शिकायत की है कि गुंजन यादव संस्थागत तौर पर जो काम करना चाहिए वह नहीं कर रहे है. संगठन को मजबूत नहीं कर रहे है और ना ही सरकार या टाटा जैसी कंपनियों में हो रहे शोषण के खिलाफ किसी तरह का कोई रणनीति बना रहे है. वे विपक्ष की भूमिका तक नहीं निभा पा रहे है और अगर कोई आंदोलन करता भी है तो उसको रोकने का काम कर रहे है. सांसद प्रतिनिधि संजीव कुमार के खिलाफ यह शिकायत की गयी है कि वे सामानांतर व्यवस्था खड़ा कर रहे है. मंडलों में सामानांतर व्यवस्था खड़ी की जा रही है और कोई भी काम में मंडलों से कोई रायशुमारी तक नहीं ली जाती है. मंडलों में कार्यक्रम की जानकारी भी अंतिम स्थिति में दी जाती है. सांसद विद्युत वरण महतो को बेहतर और सांसद प्रतिनिधि के रवैये को गलत बताया गया है. शिकायत करने रांची पहुंचने वालों में कोवाली मंडल, पोटका मंडल, बागबेड़ा मंडल, घाघीडीह मंडल, सोनारी मंडल, जुगसलाई मंडल, साकची मंडल, बिष्टुपुर मंडल, गोलमुरी मंडल और आजादनगर मंडल के लोग शामिल है. वैसे सूत्र यह भी बता रहे है कि कई लोगों ने भाजपा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति मोर्चा से लेकर पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नेताओं की भी शिकायत की है, जो लगातार संगठन को कमजोर कर रहे है. बताया जाता है कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश से उनकी मुलाकात देर शाम तक नहीं हो पायी है और संगठन महामंत्री से उनकी मुलाकात हुई है. प्रदेश अध्यक्ष रामगढ़ एक कार्यक्रम में गये है, जहां से वे लौटेंगे. बताया जाता है कि सारे नेता रांची में ही कैंप कर रहे है और प्रदेश अध्यक्ष के आने का इंतजार भी कर रहे है. इन लोगों ने एक ज्ञापन भी सौंपा है. इस ज्ञापन में कहा गया है कि जिला स्तरीय नेतृत्व में अहंकार और कार्यकर्ताओं के प्रति शोषक या राजा का भाव होने से कार्यकर्ता दुखी है. 2019 के चुनाव में भाजपा की हुई करारी हार को पाटने के बजाय वर्तमान में अधिक मनमुटाव और विवाद बढ़ गया है. इन विवादों के पीछे एकल कारण भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव और भाजुमो अध्यक्ष अमित अग्रवारल की मनमानी और संगठन विरोधी कार्यसंस्कृति बतायी गयी है. इनके अतिरिक्त सांसदके प्रतिनिधि संजीव कुमार की विभाजनकारी कार्यसंस्कृति से भी सारे मंडल अध्यक्ष पार्टी नेता, योजना और कार्यकर्ताओं के मध्य समन्वय स्थापित करने में विफल होते रहते है. इन लोगों ने सांसद प्रतिनिधि के अलावा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव और अमित अग्रवाल को हटाने की मांग कर दी है. गुंजन यादव रपर इन लोगों ने बंधुआ मजदूरों की तरह व्यवाहर करने और पद का रौब जमाने का आरोप लगाया है जबकि गुंजन यादव और अमित अग्रवराल ने तो मंडल के अनुशंसित नामों को हटाकर मोर्चा अध्यक्ष और अन्य संगठन के पदाधिकारी बना दिये है. भाजपा के खिलाफ लोकसभा और विधानसभा में काम करने वालों को पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थापित कर दिया है. सांसद प्रतिनिधि जानबूझकर मंडलों को जानकारी किसी कार्यक्रम का नहीं देते है जबकि अपने निजी लोगों को इकट्टा कर सामानांतर व्यवस्था खड़ा करते है. इन लोगों ने गुंजन यादव और अमित अग्रवाल को निजी संगठन व्यवस्था खड़ी करने का आरोप भी लगाया है. शिकायत करने वालों में साकची मंडल पूर्वी के अध्यक्ष धुव्र मिश्रा, बागबेड़ा मंडल अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, कोवाली मंडल अध्यक्ष रवींद्रनाथ सरदार, पोटका मंडल अध्यक्ष सुदीप कुमार डे, जुगसलाई मंडल अध्यक्ष हेमेंद्र जैन हनु, परसुडीह मंडल अध्यक्ष त्रिदिब चट्टराज, आसनबनी मंडल अध्यक्ष हलधर दास, घाघीडीह मंडल अध्यक्ष संदीप शर्मा बॉबी, कदमा मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह, गोलमुरी मंडल अध्यक्ष अजय कुमार सिंह, बिष्टुपुर मंडल अध्यक्ष संजय तिवारी, आजादनगर मंडल अध्यक्ष फातिमा शाहीन, सोनारी मंडल अध्यक्ष प्रशांत पोद्दार और पटमदा मंडल अध्यक्ष मंटू चरण दत्ता शामिल है.




