
रांची : झारखंड कांग्रेस में नये प्रभारी अविनाश पांडे ने सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए अपने कदम धीरे-धीरे बढ़ाने शुरू कर दिये है. इस कड़ी में कांग्रेस को झारखंड में धारदार बनाने के लिए राज्य के बड़े नेताओं का एक समन्वय समिति (को-ऑर्डिनेशन कमेटी) बनायी गयी है. इसमें सबसे चौंकाने वाले नाम दो है. राज्यसभा के पूर्व सांसद सह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचू और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत को इसमें शामिल किया गया है, जिनको दो दिनों पहले ही कांग्रेस में वापसी कराया गया था. कुल 17 लोगों की समन्वय समिति बनाया गया है, जिसके चेयरमैन प्रभारी अविनाश पांडे होंगे जबकि सह चेयरमैन उमंग सिंघार होंगे. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को संयोजक बनाया गया है. इसके अलावा को-ऑर्डिनेशन कमेटी में मंत्री आलमगीर आलम, मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, मंत्री बन्ना गुप्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार, मंत्री बादल पत्रलेख, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस में वापसी करने वाले प्रदीप कुमार बलमुचू, कांग्रेस में वापसी करने वाले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत, सांसद सह कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष गीता कोड़ा, विधायक दल के उपनेता प्रदीप यादव, विधायक सह कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो और कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शहजाता अनवर को शामिल किया गया है. यह को-ऑर्डिनेशन कमेटी ही बड़े मामलों में फैसला लेगी और इसकी बैठक बीच बीच में संयोजक को बुलाते रहना है. इसके अलावा समन्वय बनाकर राज्य में कांग्रेस को मजबूत बनाया जाना है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के हस्ताक्षर से यह कमेटी बनायी गयी है.





