
रांची : झारखंड पुलिस अपराधियों और नक्सलियों पर नकेल कसने वाली है. इसको लेकर राज्य के डीजीपी नीरज सिन्हा ने सारे अधिकारियों के साथ बुधवार को ही अहम बैठक की है. वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये यह मीटिंग हुई, जिसमें आइजी स्तर के सारे अधिकारी शामिल थे. इस बैठक में डीजीपी द्वारा सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक (जोनल आइजी), क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षकों (जोनल डीआइजी) एवं सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से उनके क्षेत्राधीन जिला में हत्या, डकैती, लूट, फिरौती के लिए अपहरण, भयादोहन, बलात्कार, संगठित अपराध एवं लंबित कांडों की समीक्षा हेतु पूर्व से दिये गये एजेंडा बिंदुओं पर विस्तृत चर्चायें की गई एवं दिशा-निर्देश दिये गये. इस दौरान अधिकारियों को कहा गया कि लंबित कांडों के अनुसंधान की समीक्षा करते हुए कांडों में अनुसंधान को तत्परता से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. इस संदर्भ में वैसे अनुसंधानकर्ता जिनके द्वारा लापरवाही पूर्वक कांड का अनुसंधान विभिन्न कारणों से लंबित रखा गया है, को चिन्हित कर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. हाल के दिनों में घटित वैसी घटनाएं जिनसे विधि-व्यवस्था अथवा जन-धारणा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है की विस्तृत समीक्षा की गई. उक्त घटनाओं का सघन अनुसंधान कर संलिप्त अपराधियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया. राज्य के संगठित आपराधिक गिरोह के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. संगठित अपराधी के गिरोह के सभी सदस्यों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधि पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. कुख्यात अपराधियों के विरूद्ध पैसे काड़ों का चयन कर जिसमें बेहतर साक्ष्य उपलब्ध है, त्वरित विचारण कराने का निर्देश दिया गया. कुख्यात अपराधियों के विरुद्ध आवश्यकतानुसार अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रभावशाली कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. इस हेतु ऐसे कुख्यात अपराधी जो वर्तमान में जमानत पर रहने के बावजूद आपराधिक गतिविधियों में संलग्न है अथवा जो जेल से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं, उनके विरुद्ध जमानत रद्द करने हेतु आवश्यक करवाई तथा आवश्यकतानुसार सीसीए के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें निरुद्ध करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ-साथ सीसीए के तहत आवश्यकतानुसार अपराधियों को तड़ीपार करने एवं उनकी थाना हाजिरी कराने का निर्देश दिया गया. वैसे अपराधी जो जमानत पर रहकर आपराधिक गतिविधियों में संलग्न हैं तथा जमानत की शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर उनकी जमानत रद्द कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही का निर्देश दिया गया. संगठित आपराधिक गिरोह की अवैध आर्थिक गतिविधियों जैसे कोयला, बालू एवं जमीन के अवैध कारोबार में संलिप्तता पर कठोरता से नियंत्रण हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. अपराध नियंत्रण हेतु जिला तथा क्षेत्र स्तर पर समय तथा स्थान बदल-बदल कर प्रभावी चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. वैसे जिले जहां डेडिकेटेड फाईट कॉरिडोर के निर्माण संबंधित कार्य चल रहा है, वहां आपराधिक गिरोहों की गतिविधि पर नियंत्रण हेतु नये पुलिस पिकेट लगाने तथा सुरक्षा हेतु सतत् निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. जेल से आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने का निर्देश दिया गया. इस हेतु कारा प्रशासन से आवश्यक समन्चय कर विभिन्न काराओं में संसीमित कुख्यात अपराधियों एवं उनके गिरोह के सभी सदस्यों की गतिविधि पर कठोर नियंत्रण रखने का निर्देश दिया गया. सभी जिलों में वारंटियों तथा विभिन्न कांडों में फरार चल रहे अभियुक्तों के विरूद्ध विशेष छापेमारी अभियान चलाकर उनकी गिरफ्तारी करने का निर्देश दिया गया अपराध अनुसंधान विभाग के द्वारा इस अभियान के फलाफल की समीक्षा की जाएगी. साईबर कांडों के अनुसंधान हेतु जिलास्तर पर विशेष टीम गठित कर लंबित अनुसंधान को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. जिन कांडों में राज्य से बाहर के अभियुक्तों की गिरफ्तारी की आवश्यकता है उनके लिए जिला स्तर से टीम भेजकर गिरफ्तारी पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. कोयला, बालू, पत्थर या अन्य अवैध कार्य पर प्रत्येक जिले में सख्ती से अंकुश लगाने का निर्देश दिया गया. इस संदर्भ में यदि कोई शिकायत मिलती है तो स्थानीय पदाधिकारी को जिम्मेवार मानते हुए कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इस बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग, अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान, पुलिस महानिरीक्षक अभियान पुलिस महानिरीक्षक, प्रोविजन-सह विशेष शाखा प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, रांची प्रक्षेत्र, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस अधीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस अधीक्षक, एससीआरबी एवं पुलिस अधीक्षक एटीएस उपस्थित रहे एवं वीडियो कॉफेसिंग के माध्यम से सभी क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक तथा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया.






