
रांची : झारखंड राज्य स्थापना दिवस, 2016 (13 से 15 नवंबर) के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में गायिका सुनिधि चौहान के कार्यक्रम और विभिन्न विद्यालयों में बच्चों के बीच टी-शर्ट और मिठाई तथा टॉफी वितरण में बरती गई अनियमितता की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) करेगी. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं से संबंधित अनियमितता की मिली शिकायतों के मद्देनजर एसीबी जांच के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. ज्ञात हो कि वर्ष 2016 के राज्य स्थापना दिवस समारोह के आयोजन में हुई अनियमितता को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका सुनवाई के लिए विचाराधीन है.
रघुवर दास बोले-हम डरने वाले नहीं है
जांच का आदेश निकलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने अपना त्वरित बयान जारी किया है. रघुवर दास ने कहा है कि खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे वाला हाल है. हमने 5 साल ईमानदार सरकार और ईमानदार प्रशासन दिया है. इसके बावजूद अगर किसी को लगता है कि कोई गड़बड़ी हुई है, तो किसी भी जांच का वे स्वागत करते हैं. सांच को आंच क्या. इस सरकार ने विधानसभा में स्वयं स्वीकार किया था कि इस मामले में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई है. अभी हाल के दिनों में ही उन्होंने (रघुवर दास ने) सरकार पर कुछ गंभीर सवाल उठाए थे, शायद निशाना सही जगह लगा है. इस मामले को लेकर वे डरने वालों में से नहीं है.
सरयू राय ने लिखी किताब-तिजोरी की चोरी
दूसरी ओर, इस मामले को उठाने वाले विधायक सरयू राय ने इस मसले को और तेज गति दी है. उन्होंने एक किताब इस भ्रष्टाचार के ऊपर लिख दी है. सररयू राय ने एक ट्विट में बताया है कि झारखंड स्थापना दिवस समारोह 2016 में हुए टॉफी/टी-शर्ट/सुनिधि चौहान कार्यक्रम घोटाला पर सरयू राय की नयी पुस्तक तिजोरी से चोरी छपने के लिए तैयार हैं. विधिक सलाह के लिए पुस्तक प्रारुप का अध्ययन झारखंड हाईकोर्ट के विद्वान अधिवक्ता कर रहे हैं. यह बसंत पंचमी तक प्रकाशित हो सकती है.
क्या है पूरा मामला
झारखंड की रघुवर दास की सरकार में वर्ष 2016 में स्थापना दिवस समारोह आयोजित हुआ था. रांची में आयोजित इस समारोह में गायिका सुनिधि चौहान आयी थी. उसके ठीक दूसरे दिन जमशेदपुर में भी कार्यक्रम हुआ था, जो पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कर्मक्षेत्र सूर्य मंदिर में छठ के मौके पर आयोजित किया गया था. इसके अलावा रांची में जो कार्यक्रम हुआ था, उसमें बच्चों के बीच टी-शर्ट, टॉफी समेत कई सामान बांटे गये थे. इस मामले में यह बातें सामने आयी थी कि टॉफी और टीशर्ट खरीद जमशेदपुर के किसी पार्टी को टेंडर दे दिया गया था, जो अयोग्य था और फिर उसकी सप्लाइ ज्यादा कीमत में की गयी थी. उसमें रघुवर दास के तत्कालीन जमशेदपुर के विधायक प्रतिनिधि पवन अग्रवाल और अन्य का नाम सामने आया था. इस घोटाले का मामला विधायक सरयू राय ने सदन में उठाया था जबकि एक याचिका भी झारखंड हाईकोर्ट में दायर है. इसके बाद अब एसीबी जांच का आदेश दे दिया गया है.





