जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सह पूर्व मंत्री सरयू राय ने पथ निर्माण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर मानगो डिमना रोड के राजस्थान भवन से शुरू होकर मानगो चौक पर ओल्ड पुरुलिया रोड तक और फिर स्वर्णरेखा नदी पार कर एक तरफ मैरिन ड्राइव की ओर तक फ्लाइओवर बनाने की परिकल्पना को गलत करार दिया है. उन्होंने कहा है कि अखबारों से उनको मालूम चला है कि इस पर 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे. उन्होंने पत्र में कहा है कि इस हेतु स्थल निरीक्षण करते हुए पथ निर्माण विभाग मुख्यालय के अभियंताओं की टीम की एक तस्वीर भी स्वास्थ्य मंत्री एवं कतिपय स्थानीय अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण करते हुए समाचार पत्रों में छपी है. अभियंताओं की टीम ने इस परियोजना का नक्शा भी स्थानीय पदाधिकारियों के समक्ष प्रदर्शित किया. परसों देर शाम इस बारे में पथ निर्माण विभाग से भी जानकारी लेना चाहा तो बताया गया कि एक सर्वेक्षण टीम जमशेदपुर गई है. श्री राय ने कहा है कि दो माह पहले इसी तरह की अभियंताओं की एक सर्वेक्षण टीम स्वर्णरेखा पर मौजूद मानगो के दो वर्तमान पुलों के समानांतर एक तीसरा पुल बनाने का सर्वे करने गई थी. उन्होंने कहा कि इस अवधारणा को अनुपयोगी एवं फ़िज़ूलख़र्ची बताया था. इस पर स्वास्थ्य मंत्री और उनके शागिर्दों ने उनका (सरयू राय का) जमकर विरोध किया था, पुतला जलाया था, अपमानजनक टिप्पणियां की थीं. तीसरा पुल परियोजना हेतु सर्वेक्षण मानगो को ट्रैफ़िक जाम से मुक्त कराने के नाम किया गया था. इस परियोजना का क्या हश्र हुआ/होगा पता नहीं. श्री राय ने कहा कि वही हश्र प्रासंगिक परियोजना का भी होने वाला है. मानगो को ट्रैफ़िक जाम से मुक्त करने के लिये घोषित यह एक हास्यास्पद परिकल्पना है, एक अनुपयोगी एवं फ़िज़ूलख़र्ची वाली सोच है. अभियांत्रिकी कसौटियों पर भी यह खोटा साबित होगी. श्री राय ने कहा है कि विडम्बना है कि सरकार के योग्य अभियंताओं ने किसी अस्वस्थ एवं असंतुलित दिमाग़ की ऐसे घटिया राजनीतिक फ़ितूर को सर्वेक्षण लायक़ समझा और घटनास्थल पर पहुंच गये. उन्हें पहले ट्राफ़िक सर्वे करना चाहिए था. यातायात की प्रकृति और घनत्व पर गहन मंथन करना चाहिए था. अंतर्विभागीय विमर्श करना चाहिए था तब किसी समुचित निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिये था, न कि दौड़कर सर्वे के लिए पहुंच जाना चाहिए था. सरयू राय ने कहा है कि वस्तुतः सर्वेक्षण के इस प्रयास का दुरूपयोग राजनीतिक प्रचार पाने के लिए हुआ है. वस्तुतः यह परियोजना परिकल्पना सुविधा एवं निहित स्वार्थ की राजनीति द्वारा विकास परियोजनाओं के अभियांत्रिक एवं आर्थिक पहलुओं पर प्रतिकुल प्रभाव डालने वाली निरर्थक एवं निष्फल क़वायद सिद्ध होगी. पथ निर्माण विभाग को मानगो सहित जमशेदपुर, जुगसलाई, गोविन्दपुर, परसुडीह बागबेडा आदि क्षेत्रों पर बढ़ रहे ट्रैफ़िक दबाव को नियंत्रित करने के लिये समेकित योजना पर विचार करना चाहिये. जमशेदपुर को पूर्वी एवं पश्चिमी भाग में बांटकर देखने वाली राजनीतिक सोच ने पहले भी इस क्षेत्र का भारी अहित किया है और आज भी कर रही है. जमशेदपुर का पूर्वी एवं पश्चिमी में विभाजन कर देखना एक राजनीतिक सोच हो सकती है, विकास मूलक दृष्टिकोण नहीं. पथ परिवहन अधोसंरचना की दृष्टि से इस क्षेत्र के लिये एक समन्वित एवं व्यापक दृष्टिकोण की ज़रूरत है. श्री राय ने विकास को लेकर अपना 11 बिदूओं पर एजेंडा भी सौंपा है, जिसके तहत कदम उठाना चाहिए.
इस संबंध में निम्नांकित विवरण सरयू राय ने सौंपा है : (नीचे देखे पूरी खबर)
- मानगो का जाम मुक्त करने के लिए शहीद खुदीराम बोस चौक पर एक कम उंचाई एवं आकर्षक डिज़ाइन का फ़्लाइओवर बने.
- मानगो पुल के जमशेदपुर छोर के गोलचक्कर पर भी एक कम ऊँचाई और आकर्षक डिज़ाइन का फ़्लाइओवर बने.
- शंकोसाई रोड 5 को चौड़ा कर मानगो में एनएच-33 के समानांतर यातायात निकास पथ बने.
- लिट्टी चौक, भुईंयाडीह से स्वर्णरेखा नदी पर पुल एवं डीपीएस होकर एनएच-33 तक पहुंच पथ बने.
- बिस्टुपुर गोलचक्कर पर एक डिज़ाइनर फ़्लाईओवर बने.
- भालूबासा क्षेत्र में यातायात सघनता की समस्या से छुटकारा के लिए फ़्लाई ओवर बने.
- टेल्को-गोविंदपुर (अन्ना चौक-पीपली) फ़्लाई ओवर का लंबित कार्य आरम्भ हो.
- तथाकथित मरीन ड्राइव पर सोनारी-डोबो स्वर्णरेखा पुल के समीप एक फ़्लाई ओवर बने तथा डोबो-कांदरबेडा पथ को फ़ोर लेन किया जाये.
- साकची-बारीडीह पथ पर यातायात सुगम बनाने की बाधाएं समाप्त की जाये.
- बिष्टुपुर होटल अलकोर के सामने से खरकई नदी के दाहिने तट से होते हुए भाटिया पार्क टॉल ब्रिज तक जाने वाले लंबित पथ परियोजना का क्रियान्वयन किया जाये.
- इन सभी कार्यों में एक प्रमुख स्टेक होल्डर के नाते टाटा स्टील लिमिटेड की आर्थिक एवं परामर्शी सहभागिता भी सुनिश्चित कराई जाये.





