रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधायकी रद्द होने की खबर लगभग आम हो चुकी है, लेकिन अभी भी इससे संबंधित अधिसूचना का इंतजार है. ऑफिस ऑफ प्राफिट के मामले को लेकर राजभवन पहुंची भारत निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है. ऐसे में तरह-तरह की चर्चाएं हैं. अब यह भी माना जा रहा है कि हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता रद्द हो सकती है. उनके चुनाव लड़ने पर किसी तरह की रोक नहीं लगी है. ऐसे में अधिसूचना के बाद यदि हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देते हैं, तो उसके बाद क्या होगा, यह किसी की समझ से परे नहीं. हालांकि शनिवार को भी यूपीए विधायकों की मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हो रही है. वहीं सूत्र बताते हैं कि यूपीए में शामिल कांग्रेस, झामुमो समेत सभी दलों के नेताओं को पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ शिफ्ट करने पर निर्णय लिया गया है. इसके लिए दो-तीन लग्जरी बसों को मंगाया गया है, ताकि रांची से छत्तीसगढ़ तक का सफर करने में विधायकों को किसी तरह की परेशानी न हो. बैठक में सभी मंत्री-विधायक बैग के साथ पहुंचे हैं.




