
चाईबासा : सत्संग विहार बड़ाजामदा में श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी का 132 वां जन्मदिवस धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. भोर में प्रात: पांच बजे उषा किरण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई. तत्पश्चात श्रीश्री ठाकुर जी के धार्मिक ग्रंथों से पाठ किया गया. उसके बाद से ही भजन- कीर्तन का कार्यक्रम चलता रहा. इस अवसर पर भजन-कीर्तन किये गये. इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवघर से आये राजेश खंडेलवाल ने ठाकुरजी के जीवन पर सारगर्भित विचार रखे. उन्होंने ठाकुर श्री अनुकूल चंद्र जी के जीवन का भाव एवं आदर्श को प्रस्तुत करते हुए कहा कि मनुष्य का गंतव्य ईश्वर प्राप्ति है.

उन्होंने कहा कि मानव को एकजुटता बना प्रेम का संचार करना चाहिए. ठाकुर अनुकूल चंद्र जी किसी एक के लिए नहीं, बल्कि सबके लिए हैं. उन्हें अनुभव करने के लिए उनके रूप को समझना होगा. वह अपने विराट रूप को छोड़ सामान्य मानव के रूप में अपने मानवीय रूप को प्रदर्शित कर रहे हैं. ब्रह्म जिज्ञासा की स्थिति में अभावग्रस्त मानव ईश्वर की तलाश करता है. रित्विक अमरनाथ ठाकुर ने अपने वक्तव्य मे कहा कि ज्ञान के अभाव में मानव दु:ख पाता है. मनुष्य को जीवन में मिलने वाले अवसर में सदैव अच्छे कार्यों को करते रहना चाहिए. इस अवसर पर काफी संख्या में साधक व श्रद्धालु उपस्थित थे.







