
सरायकेला : सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर स्थित मेडिट्रीना अस्पताल प्रशासन पर एक मरीज के परिजन ने गुमराह करने और अनावश्यक पैसों का दोहन करने का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा. वहीं मरीज के परिजन ने अस्पताल के खिलाफ धरना देने की धमकी दी है. बताया जाता है कि मानगो विकास समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह की पत्नी किरण सिंह को विगत 21 तारीख को सीने में अचानक दर्द हुई जिसके बाद ओंकार सिंह अपनी पत्नी को लेकर पहले जमशेदपुर के बारीडी स्थित मर्सी अस्पताल पहुंचे. जहां चिकित्सकों ने हृदय रोग की शिकायत बताकर मेडीट्रीना अस्पताल ले जाने की सलाह दी. इधर आनन-फानन में ओंकार सिंह ने अपनी पत्नी को आदित्यपुर स्थित मेडिट्रीना अस्पताल में भर्ती कराया. जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उनकी पत्नी के हर्ट में तीन ब्लॉकेज होने की बात कही, और स्थिति को गंभीरता को बताते हुए तत्काल लगभग सवा दो लाख रुपए जमा कराने को कहा. ओंकार सिंह ने बताया कि उनके द्वारा नगद जमा करने पर आपत्ति जताई गई और कहा कि वे चेक से भुगतान कर सकते हैं.
इस पर अस्पताल प्रशासन राजी हो गया और ये कहते हुए कि कुछ पैसे आप चेक से जमा करा दें कुछ पैसे कैश जमा करवा दें ताकि इलाज शुरू किया जा सके. ओंकार सिंह ने वैसा ही किया, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीज रीना सिंह का इलाज शुरू नहीं किया गया. जबकि भर्ती कराते वक्त मरीज की हालत काफी गंभीर होने की बात कही गई थी. इसी तरह मरीज को 4 दिन अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती रखा गया मगर उपचार शुरू नहीं किया गया. 27 तारीख को दोपहर 2:00 बजे मरीज का ऑपरेशन किया गया. यहां भी अस्पताल प्रशासन द्वारा लापरवाही किए जाने की बात उन्होंने कही. उन्होंने बताया कि तीन स्टेन लगाने की बात अस्पताल प्रशासन ने कही थी और उसके एवज में पैसे भी जमा करवाए थे, लेकिन दो स्टेन ही लगाया गया. उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा लगातार उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से दोहन किया जा रहा है. और अब मरीज को छोड़ने में आनाकानी कर रहा है. उधर मरीज के परिजन को हंगामा करके देख अस्पताल के मुख्य डॉक्टर डॉक्टर पार्थो प्रीतम चौधरी अस्पताल से निकल गए. जबकि अन्य कर्मचारी इस मामले पर कुछ भी बोलने से बचते रहे. हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले को रफा-दफा करने का प्रयास शुरू कर दिया गया, लेकिन ओंकार सिंह ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ अपनी मंशा साफ करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि वे इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन चलाएंगे और तब तक धरने पर बैठेंगे जब तक अस्पताल प्रशासन अपनी गलती स्वीकार नहीं कर लेता. वहीं ओंकार सिंह ने पूरे मामले की जानकारी फोन से आदित्यपुर थाना पुलिस को दे दी है.






