
जमशेदपुर/सरायकेला : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता कांग्रेस के विधायक है. उनका वोट बैंक मुसलिम समुदाय के अलावा हिंदू समुदाय भी है, लेकिन उनके प्रति यह आम धारणा लोगों की है कि वे मुसलिम बहुल इलाके के लिए ज्यादा उदारवादी होते है. लेकिन सरकार में शामिल होने के बाद मंत्री बन्ना गुप्ता बदले-बदले नजर आये. ऐसा ही कुछ जमशेदपुर में बन्ना गुप्ता ने किया. वे मानगो में एक व्यक्ति की मौत की खबर के बाद परिजनों से मिलने जा रहे थे कि मानगो के मेन रोड में देखा कि एक गाय मरी पड़ी हुई थी. उसको देखकर बन्ना गुप्ता रुके और गाड़ी रोककर तत्काल शव का अंतिम संस्कार कराया. इस दौरान गाय के मरने पर अफसोस भी जताया और उनका आर्शीवाद भी लिया.

दूसरी ओर, स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद बन्ना गुप्ता सरायकेला पहुंचे. जहां आदित्यपुर स्थित न्यू कॉलोनी मध्य विद्यालय से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ किया. आपको बता दें कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस हर साल 10 फरवरी को मनाया जाता है, लेकिन झारखंड में इस साल 9 फरवरी से ही इस अभियान की शुरूआत मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा किया गया. वैसे राज्य के 19 जिलों में इस अभियान की शुरूआत की गई है. जहां स्कूली छात्र- छात्राओं को अल्बेंडाजोल की खुराक दिया जाएगा. वहीं अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पीड़ित मानवता की सेवा करने के लिए हर पल तत्पर रहने का आह्वान किया. वहीं अपने संबोधन के दौरान मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि वे अगर गृह मंत्री होते तो शायद कुछ और ही स्थिति होती. यानि कहीं न कहीं उनके सीने में मन मुताबिक मंत्रालय नहीं मिलने का कसक है. वैसे उन्होंने ये भी कहा कि जिस विभाग का उन्हें जिम्मा मिला है, उस विभाग को बेहतर बनाना ही उनका उद्देश्य है. इससे पूर्व जिले के कांग्रेसियों ने मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान जिले के जिले के तमाम आलाधिकारी मौजूद थे.
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता आज सरायकेला के आदित्यपुर पहुंचे. जहां उन्होंने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान की शुरूआत की. वहीं इस दौरान मंत्री के सुरक्षा में सेध लगाते हुए एक युवक मंच तक जा पहुंचा और मंत्री के समक्ष अपना दुखड़ा सुनाकर फूट- फूटकर रोने लगा. मंत्री ने तत्काल सिविल सर्जन को बुलाया और युवक की फरियाद पर कार्रवाई करने का निर्दाशे जारी किया. आपको बता दें कि युवक कोवाली का रहनेवाला है, जिसका मान मोहसिन मोदक है, और वह अपनी पत्नी का ईलाज आदित्यपुर स्थित ईएसआईसी अस्पताल में करवा रहा है, जहां पत्नी के ऑपरेशन के दौरान एनीस्थिया दिए बगैर ऑपरेशन किए जाने का आरोप युवक द्वारा लगाया गया. हालाकि मंत्री ने फरियाद सुनने के बाद आवश्यक कार्रवाई का निर्देश तो दे दिया, लेकिन सवाल ये कि आखिर युवक प्रोटोकॉल तोड़कर आखिर कैसे स्टेज पर पहुंच गया…..








