
जमशेदपुर : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य रवींद्र तिवारी अपने दल बल के साथ यातायात पुलिस, परिवहन विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक जमशेदपुर के परिसदन में किया. इस बैठक के दौरान श्री तिवारी ने निर्देश दिया कि प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी चेकिंग के नाम पर भयादोहन नहीं करें. पहले लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को सुगम किया जाये, जिसके बाद चेकिंग किया जाये. सड़कों पर लगने वाली दुकानों को कहीं और शिफ्ट कर दिया जाये जबकि सड़कों पर दुकान लगाकर जाम कराने वाले मॉल और अन्य शॉपिंग कांप्लेक्स के लोगों पर फाइन काटने को कहा. राहगिरों को अगर सड़क ही नहीं मिलेगा तो वे लोग कहां पार्किंग करेंगे या सड़क से आना जाना करेंगे. लिहाजा, जो जाम कर रहा है, वैसे प्रतिष्ठानों के मालिकों पर हर्जाना लगाया जाये या फिर कानून के तहत कार्रवाई की जाये.
श्री तिवारी ने इस बैठक के दौरान जमशेदपुर में ऑटो के परमिट नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि परमिट की समस्या को दूर करने के लिए जल्द वे राज्य सरकार के साथ भी बातचीत करेंगे ताकि परमिट का उचित रास्ता मिल सके. सड़क निर्माण के दौरान यह ख्याल रखने को कहा गया कि कहीं ब्लाइंड मोड़ नहीं हो. इसके लिए बेहतर अध्ययन करने पर जोर दिया गया. इसके अलावा भारत सरकार के नये प्रावधान की भी जानकारी दी गयी, जिसके तहत सड़क हादसा में मारे गये लोगों को दो लाख रुपये तत्काल मुआवजा और इंश्योरेंस कंपनियों को 90 दिनों में इंश्योरेंस का पैसा देने का आदेश है, जिसको दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से कड़ाई बरतने का भी निर्देश दिया. इसके अलावा अच्छे चालकों को सम्मानित करने और अच्छे चालक पैदा करने के लिए चालक ट्रेनिंग सेंटर भी खोलने पर जोर दिया गया.





