
चाईबासा : संपूर्ण देश में वैश्विक महामारी करोना से संबंधित लॉकडाउन की घोषणा की गयी है। इस लॉकडाउन में भी हाट गम्हरिया प्रखंड की सभी सेविकाओं द्वारा लगातार आंगनबाड़ी केंद्रों से सेवाएं नियमित रूप से सभी लाभुकों को दी जा रही हैं। साथ ही कोविड-19 से होने वाली हानि, बचाव, साफ-सफाई तथा सरकार के सभी दिशा-निर्देशों का अनुपालन कराने की जानकारी अपने-अपने क्षेत्र के ग्रामीणों को दी जा रही है।

लॉक-डाउन के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र केन्दोपोसी की सेविका सुशीला देवी एवं सहायिका सुशीला सिंकू दो गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने में सफल हुईं। केन्दपोसी अंतर्गत तीन टोला शामिल हैं- स्टेशन कॉलोनी, टूरासाई, डुनुमगुटू, इसमें से टूरासाई, डुनुमगुटू आंगनवाड़ी केन्दोपोसी से लगभग एक किलोमीटर एवं दो किलोमीटर की दूरी में स्थित है जहां सेविका सहायिका पैदल ही घरों का भ्रमण कर लाभुकों की काउंसलिंग कर रही हैं। साथ ही इस गांव में सहिया का पद रिक्त है जिस कारण सेविका एवं सहायिका को सहिया का कार्य जैसे टीकाकरण, वजन, डाइट लिस्ट का भी कार्य करती हैं। चूंकि गर्भवती जेमा सिंकू, पति मंगल सिंकु ग्राम टूरासाई के निवासी है। शुरुआत में गर्भवती महिला जेमा सिंकू संस्थागत प्रसव के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन सेविका द्वारा बार-बार घर भ्रमण कर काउंसलिंग की गयी। टीएचआर उनके घर पहुंचाया गया। आईएफए गोली एवं कैल्शियम गोली का सेवन करने साफ-सफाई एवं पोषण संबंधित सलाह दी जाती रही है। गांव केन्दोपोसी एक से दो किलोमीटर की दूरी में स्थित डुनुमगुटू की गर्भवती महिला मेचो सिंकू, पति पुतकर सिंकू के घर जाकर उसके परिवार के सभी सदस्य पति एवं सास को भी मेचो की देखभाल, पोषण, खानपान, आराम के बारे काउन्सलिंग की गयी। टीएचआर गृह भ्रमण के दौरान दिया गया।
पिछले 20 अप्रैल एवं 30 अप्रैल की रात प्रसव पीड़ा के दौरान सेविका ने फोन कर ममता वाहन बुलाकर दोनों गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव करवाया। गर्भवती माता जेमा सिंकू ने पुत्र को जन्म दिया जिसका वजन 2.600 किलोग्राम था। वहीं 30 अप्रैल को को गर्भवती माता मेचो सिंकू ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया जिसका वजन 2.500 किलोग्राम था। प्रसव के उपरांत सेविका के द्वारा गृह भ्रमण लगातार किया जा रहा है और उनके परिवार के सभी सदस्यों को बच्चे एवं माता की देखभाल के लिए सलाह भी दी जा रही है।





