
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर : विगत 15 वर्षों से रविनाथ बांदिया लगातार 5000 लोगों की प्यास बुझाने का काम कर रहे हैं. यहां पम्प हाउस के बगल में वे चना, पकौड़ी बेचकर किसी प्रकार अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं. यहां पर अब एक प्रकार से चक्रधरपुर शहर में ही नहीं पूरे क्षेत्र में सामाजिक सेवा में इस युवक का नाम चर्चा में शामिल हो गया है. युवक रविनाथ बांदिया ने बताया कि जब से यहां पर पम्प हाउस की स्थापना विधायक सुखराम उरांव द्वारा की गई है उसी समय से ही पम्प को वह संचालित कर रहा है. उन्होंने बताया कि 5000 जन मानस ही नहीं इसके अलावा देखा जाए तो रेलवे क्षेत्र में या शादी विवाह समारोह में जो भी लोग पानी लेने जाते हैं तो इस युवक को ही पंप चलाना पड़ता है. ऐसी स्थिति में एक फूटी कौड़ी भी बांदिया को नहीं मिलना चर्चा का एक विषय बना हुआ है.
खराब होने पर किसी तरह चलाया काम
इस इस संबंध में बांदिया ने बताया कि जब से यहां पर पंप हाउस की स्थापना विधायक सुखराम उरांव के कार्यकाल में हुई है उस समय से लेकर अब तक लगातार लोगों की प्यास बुझा रहा है जब पंप खराब रहता है उस समय ही वह पंप नहीं चलाता है. इसके बाद वही पंप हाउस को संचालित करता है. पंप के संबंध में भी बताया कि यह पंप आज पहली बार पुनः बदल रहा है. इसके पहले ठोक पीटकर किसी तरह काम चलाया जा रहा था।
रविनाथ बांदिया को उसका हक निश्चित मिलेगा : सुखराम उरांव
चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव ने रविनाथ बांदिया के मामले को गंभीरता से लिया है और कहा है कि अब निश्चित रूप से रविनाथ बांदिया को उसका हक मिलेगा. उन्होंने कहा कि नगर पर्षद की ओर से सैकड़ो कर्मचारियों को मानदेय के रूप से राशि भुगतान हो रहा है तो फिर रविनाथ बांदिया को क्यों नहीं मिलेगा. स्थानीय वार्ड पार्षद प्रतिनिधि संजय केरकेट्टा से रविनाथ को सबन्ध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसका मामला रखने से ही कार्यपालक व अध्यक्ष टाल देते है विधायक ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा हर हाल में इसको उसका हक मिलेगा।







