
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिला के आदित्यपुर थाना अंतर्गत इंडो डेनिश टूल रूम के हॉस्टल में बने क्वॉरेंटीन सेंटर में क्वॉरेंटीन किए गए 10 छात्रों ने प्रशासनिक व्यवस्था से नाराज होकर भूख हड़ताल शुरू कर दिया है. छात्रों का आरोप है कि वे सभी प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं. भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने बताया कि वे सभी गम्हरिया के रहने वाले हैं, और बड़ोदरा परीक्षा देने गए थे. जहां लॉकडाउन की वजह से पिछले महीने की 21 तारीख को वहां से लौटने पर इन्हें क्वॉरेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया.

जांच रिपोर्ट आने के बाद भी इन्हें अब तक नहीं छोड़ा गया है. छात्रों ने बताया कि क्वॉरेंटाइन के 14 दिन पूरा हो चुके हैं, हर दिन वे इस उम्मीद से सेंटर के अधिकारियों से पूछते हैं कि उनके रिपोर्ट का क्या हुआ, लेकिन अधिकारी रटा- रटाया जवाब देकर निकल जाते हैं. छात्रों ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने बीते रविवार को गम्हरिया सीओ से भी बात की, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा. इतना ही नहीं इस संबंध में छात्रों ने जिले के उपायुक्त को भी अवगत कराया लेकिन उपायुक्त ने एसडीओ से बात करने को कह कर फोन काट दिया. अब सवाल ये उठता है कि आखिर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कर क्या रही है. क्या क्वॉरेंटाइन सेंटर का कोई लेखा-जोखा नहीं रखा जाता ? छात्रों ने बताया कि यहां जितने भी संदिग्धों को रखा गया था सभी को छोड़ दिया गया है. अब यही छात्र बचे हैं जिन्हें अब तक नहीं छोड़ा गया है. वैसे इन्होंने साफ कर दिया है कि अब चाहे जो हो इनका अनशन तभी टूटेगा जब इन्हें यहां से मुक्ति मिलेगी.







