
जमशेदपुर: जिला परिषद उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने ग्रामीण इलाके में होनेवाली आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में शवों की एंटीजन किट अथवा टोरनेट से कोविड जांच कराने के संबंध में जिला के सिविल सर्जन को एक ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में कहा गया है कि दुर्घटना अथवा अन्य आकस्मिक घटनाओं में जो मौतें एमजीएम तथा टीएमएच अस्पताल में होती हैं, उनमें संबंधित दोनों अस्पतालों से मृत्यु प्रमाण पत्र शीघ्र निर्गत कर दिया जाता है. इससे शवों का अंत्यपरीक्षण शीघ्र हो जा रहा है और परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव प्राप्त कर पा रहे हैं, किंतु जिले के अन्य अस्पतालों तथा थाना क्षेत्रों में होने वाली अस्वाभाविक अथवा दुर्घटना आदि में होनेवाली मौतों की स्थिति में पुलिस द्वारा शवों को बिना कोविड जांच कराये शवों को सीधे अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया जाता है. जहां उनका सैम्पल कोविड जांच के लिए भेजा जाता है. जांच रिपोर्ट आने तक शवों को वहीं पर रखा जाता है, जबकि कोविड रिपोर्ट आने में तीन से दिन का समय लग जाता है. इस परिस्थिति में पहले से दुखी और परेशान परिजनों को एक और मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही साथ ज्यादा दिन तक अंत्यपरीक्षण गृह में रखने से शवों के खराब होने की समस्या बनी रहती है. ऐसे मामलों में शवों की कोविड जांच एंटीजन किट अथवा टोरनेट से कराई जाये ताकि शोक संतप्त परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए अस्पताल और अंत्यपरीक्षण गृह का चक्कर नहीं लगाना पड़े.







