जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधिकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग सोमवार सुबह 9:30 बजे से यूनियन परिसर में होगी. बैठक में मुख्य रूप से फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई कुल चार महीनों के एकाउंट्स को पास कराया जायेगा. हालांकि, मीटिंग के एजेंडे और प्रक्रिया को लेकर यूनियन के भीतर असंतोष का माहौल है. जिससे बैठक के हंगामेदार होने की पूरी संभावना है. यूनियन के विरोधी खेमे के प्रमुख नेता अरविंद पांडे के चोटिल (पैर टूटने) होने के कारण अनुपस्थित रहने की संभावना है, लेकिन आगामी दिसंबर में होने वाले यूनियन चुनाव को देखते हुए एनएस ग्रेड के प्रतिनिधि पूरी तरह मुखर हैं. (नीचे भी पढ़ें)
चुनाव से ठीक पहले अपनी बात मजबूती से रखने के लिए सदस्य इस मंच पर तीखे सवाल उठाने की तैयारी में हैं. दूसरी और टाटा वर्कर्स यूनियन द्वारा संचालित कैंसर रेस्ट हाउस में एक मीटिंग हुई है. इस मीटिंग में यूनियन के महामंत्री सतीश सिंह, उपाध्यक्ष शाहनवाज आलम समेत कई अन्य कमेटी मेंबर भी थे जिसमें कमिटी मीटिंग को लेकर रणनीति तैयार की गई है. बताया जाता है कि यूनियन नेतृत्व ने शनिवार दोपहर 3 बजे मीटिंग की सूचना जारी की. जिसके बाद कार्यालय बंद हो गया और रविवार की छुट्टी रही. (नीचे भी पढ़ें)
सदस्यों का आरोप है कि अचानक बुलायी गयी इस बैठक का उद्देश्य जरूरी मुद्दों पर चर्चा से बचना है. बैठक में एकाउंट्स के अलावा अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी या नहीं, इसका अंतिम निर्णय यूनियन अध्यक्ष करेंगे. इसके बावजूद, एनएस ग्रेड के कमेटी मेंबर्स नेतृत्व को घेरने की पूरी रणनीति बना चुके हैं. कर्मचारियों का आरोप है कि हालिया वेतन समझौते के बाद एनएस ग्रेड के कर्मियों में भारी विसंगतियां सामने आयी हैं. हालिया वेतन समझौते के बाद एनएस ग्रेड कर्मियों के ‘डेट ऑफ इंक्रीमेंट’ में बदलाव हुआ है. कई कर्मियों के वेतन में कमी आयी है. जबकि स्टील ग्रेड में ऐसी विसंगति नहीं देखी गयी. हालांकि समस्या के समाधान के लिए ‘एनोमली कमेटी’ गठित है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि समझौते के समय इन पहलुओं का बारीकी से अध्ययन क्यों नहीं किया गया.




