
रांची: चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद की जमानत पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. जिसमें आधी सजा काटने के आधार पर लालू प्रसाद को हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है. पिछली सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया था कि आधी सजा पूरी होने में 27 दिन कम थे. इसके बाद नौ अक्टूबर को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई थी. लालू प्रसाद के अधिवक्ता देवर्षि मंडल की मानें तो नौ अक्टूबर को लालू प्रसाद की आधी सजा पूरी हो रही है. चाईबासा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को सीबीआइ कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई है. उनकी तबीयत खराब होने के कारण उनका इलाज रिम्स के निदेशक बंगले में हो रहा है. लालू यादव की ओर से चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में जमानत याचिका दाखिल की थी.लालू यादव चारा घोटाले के तीन मामलों में सजायाफ्ता हैं. उन्हें देवघर कोषागार मामले में जुलाई 2019 में जमानत मिल चुकी है. चाईबासा कोषागार मामले में आधी सजा काट लेने का हवाला देते हुए जमानत की मांग की गयी थी. अगर इस मामले में लालू को जमानत मिल भी जाती है तो वे जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे. ऐसा अनुमान है कि लालु यादव अगले महीने तक बाहर आ सकते है. क्योंकि चारा घोटाले के तीसरे मामले दुमका कोषागार में उन्हें सात साल की सजा सुनाई गई है. यानी आधी सजा साढ़े तीन साल पर पूरी होगी जिसमें करीब एक साल का वक्त है. लालू को चारा घोटाला के देवघर ट्रेजरी केस में 23 दिसम्बर 2017 को दोषी करार दिया था. तब से वह जेल में है. 17 मार्च 2018 को तबीयत बिगड़ने पर पहले रिम्स और फिर दिल्ली एम्स में लालू यादव को भर्ती किया गया था. कोर्ट ने उन्हें 11 मई को इलाज के लिए छह हफ्ते की जमानत मंजूर की थी. इसे बढ़ाकर 14 और फिर 27 अगस्त तक किया. कोर्ट ने इसके बाद 30 अगस्त 2018 को लालू को कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था. इसके बाद से लालू रिम्स में भर्ती हैं.














