
घाटशिला: घाटशिला के मारवाड़ी धर्मशाला प्रांगण में भाजपा मंडल कमेटी के तत्वावधान में किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा दिनेशानंद गोस्वामी उपस्थित थे. कृषि सुधार विधेयक को लेकर चर्चा की गयी.पार्टी कार्यकर्ताओं को कृषि सुधार विधेयक की विस्तृत जानकारी दी गई जिससे वे किसानों के बीच जागरूकता अभियान चला सकें. डॉ दिनेशानन्द गोस्वामी ने कृषि सुधार विधेयक पर बिंदुवार पार्टी कार्यकर्ताओं को जानकारी दी .उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से पारित कृषि सुधार विधेयक के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार के प्रति आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि आजादी के 74 वर्षो में करीब 64 वर्ष तक कांग्रेस एवं उनके सहयोगियों ने शासन किया इस दरम्यान कभी किसी ने भी किसानों की सुध नहीं ली है. खेत तक पानी लाने का प्रयास नहीं हुआ.किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने की कोशिश नहीं की गई.किसानों को कांग्रेस ने कर्जदार बनाने का काम किया है.
इसके विपरीत नरेन्द्र मोदी की सरकार किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने का काम कर रही हैं किसानों को आर्थिक रूप से सबल बनाने का प्रयास हो रहा हैं. पीएम नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी की जाएं. इसी संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कृषि सुधार विधेयक को पारित किया है ताकि देश के अन्नदाताओं का सम्मान बढ़ सकें. एक देश-एक बाजार की नीति लागू की गई है जिससे किसानों के पसीने की सही कीमत मिल सकें. उन्होंने कहा कि भारत किसानों का देश हैं.देश के अन्नदाता लम्बे समय से स्वतंत्र होकर अनाज बेचने की मांग कर रहे थे जिसे पूरा करने का काम केंद्र की भाजपा सरकार ने किया हैं.किसान भाइयों के लिए मंडी में अनाज बेचने की बाध्यता नहीं रहेगी,किसान अनाज को देश के किसी भी हिस्से में बेच सकेंगे, जहां अनाज की अच्छी कीमत मिल सकें. उन्होंने कांग्रेस द्वारा कृषि सुधार विधेयक को लेकर की जा रही दुष्प्रचार पर भी जमकर वार करते हुए कहा कि कांग्रेस अन्नदाताओं का सम्मान बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं.किसानों के हित में लागू की जा रही व्यापक कानून से कांग्रेस एवं उनके सहयोगी दल घबरा गए हैं.
उन्होंने विपक्ष के मंडी व्यवस्था खत्म होने के आरोप को भी निराधार करार देते हुए कहा कि कृषि सुधार विधेयक से मंडी नहीं होगी, बल्कि मंडियों पर वर्षो से कब्जा जमाए बैठे व्यापारियों की मनमानी खत्म हो जाएगी. किसानों के अनाज की कीमत अब व्यापारी नहीं बल्कि किसान स्वयं तय करेंगे.उन्होंने कांग्रेस-झामुमो समेत अन्य विपक्षी दलों पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दिग्भ्रमित करने का भी आरोप लगाया .कहा कि विधेयक लागू होने से एमएसपी और बढ़ेगी और किसान की आय भी दुगनी होगी.

कहा कि किसानों को नई तकनीक के साथ खेती करने और डिजिटल मार्केट तैयार करने में मदद मिलेगी. डॉ गोस्वामी ने कहा कि 21 वीं सदी में किसान नई तकनीक के साथ खेती कर सके और किसानों को डिजिटल मार्केट उपलब्ध हो, विधेयक में यह व्यवस्था की गई हैं.कृषि क्षेत्र में आधारभूत सुधार के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए आवंटित किए हैं. यूपीए सरकार की तुलना में नरेन्द्र मोदी सरकार ने कृषि फंड में तीन गुणा तक की बढ़ोतरी की हैं. किसानों को सस्ते दर पर ऋण मुहैया कराई जा रही हैं.किसानों को बिचौलियावाद से मुक्ति मिल सके, इस दिशा में पहल की गई हैं.उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे किसानों के बीच जाकर कृषि विधेयक बिल को लेकर जन-जागरण अभियान चलाए जिससे किसान जागरूक हो सकें.मौके पर जिलाध्यक्ष सौरव चक्रवर्ती ने भी संबोधित किया.कार्यक्रम का संचालन मंडल अध्यक्ष राहुल पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन जिला प्रवक्ता हरप्रीत सिंह ने किया.
इससे पूर्व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानन्द गोस्वामी ने जनसंघ के संस्थापक सदस्य श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किया.कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सामुहिक गान से हुआ.मौके पर जिला उपाध्यक्ष विजय पांडेय, संजय अग्रवाल, हिमांशु मिश्रा, जिला कोषाध्यक्ष अशोक अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष राहुल पांडेय, पूर्व अध्यक्ष कृष्णा शर्मा, धालभूमगढ़ अध्यक्ष विमल कालिंदी, बुद्धेश्वर मार्डी, करण उर्फ टिंकू सिंह, आशीष अग्रवाल, महिला मोर्चा की अध्यक्ष माला दे, विशु दंडपात, हरप्रीत सिंह, सूजन मन्ना, सुरेश महाली, रवि सिंह चौहान, समरनाथ मुखर्जी, सूरज लामा, तुषार दत्ता, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, कौशिक कुमार, मंदीप सिंह, राजू सिंह, श्रवण सिंह समेत अन्य उपस्थित थे.







