
जमशेदपुर : लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर सरकार और हिंदूवादी संगठनों के बीच तनाव शुरू हो चुका है. वैसे इसकी आशंका पहले से ही जताई जा रही थी. अंतिम समय में झारखंड सरकार द्वारा लिए गए फैसले के बाद राज्य में तनाव की स्थिति बन गई है. विपक्ष जहां एक बार फिर से आक्रामक रुख दिखा रहा है वहीं वह हिंदूवादी संगठन एवं स्वयंसेवी संस्थाएं भी आरपार के मूड में नजर आ रही है. जमशेदपुर में सरकार के फैसले के उलट हिंदूवादी संगठन छठ घाटों की साफ-सफाई में जुट गए हैं. भोजपुरी चेतना मंच सहित कई संगठन अपने स्तर से नदी घाटों की साफ-सफाई में जुट गए हैं. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)
साथ ही ऐलान किया है, कि सरकार आस्था के साथ अगर खिलवाड़ करती है तो हर स्तर पर विरोध किया जाएगा. उन्होंने जिला प्रशासन और निकायों से नदी घाटों की साफ-सफाई कराए जाने की मांग दी है. साथ ही चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तय समय सीमा पर नदी घाटों की सफाई जिला प्रशासन और निकायों की ओर से नहीं कराई जाती है तो नदियों से निकलने वाले कचरे उनके गेट पर डंप कर दिए जाएंगे. वहीं इन्होंने जुस्को को भी चेतावनी दी है कि वे अपनी भूमिका को सुनिश्चित करें अन्यथा इसका खामियाजा उन्हें भी भुगतना पड़ेगा. वैसे इस बात का पहले से ही अंदाजा लगाया जा रहा था. जहां एक बार फिर से धर्म के नाम पर सरकार और हिंदूवादी संगठन आमने सामने आ ही गए हैं. ऐसे में अब देखना यह दिलचस्प होगा कि सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करती है या फिर लोक आस्था के महापर्व को लेकर विवाद और गहराता है. इन सबके बीच श्रद्धालुओं एवं व्रतियों की चिंता साफ समझी जा सकती है.







