
जमशेदपुर : झारखंड प्रदेश बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन द्वारा 52वा राष्ट्रीयकरण दिवस बिष्टुपुर स्थित “कला मंदिर” के प्रांगण में मनाया गया, जहां झारखंड प्रदेश बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन आरए सिंह, महासचिव आरबी सहाय, उप महासचिव हीरा अरकने, जिला महासचिव सुजीत घोष ने संयुक्त रूप से झंडोतोलन किया. ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन के लगातार संघर्ष से 1969 में बैंको का राष्ट्रीयकरण हुआ. अब पुनः सरकार इसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही हैं. ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन ने बैंको के निजीकरण का फैसला होने पर तुरंत हड़ताल पर जाने की घोषणा की है. वक्ताओं ने राष्ट्रीयकृत बैंको की देश के विकास में भागीदारी का जिक्र करते हुए आरए सिंह ने कहा कि देश की सरकार राष्ट्रीयकृत बैंकों को पुनः पूंजीपतियों के हाथों सौंपने जा रही है, इससे गरीब पिछड़े वर्ग के लोगों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद हो जाएगी. बैंको में जमा आम जनता की पूंजी सुरक्षित नहीं रह जायेगी. हीरा अरकने ने उपस्थित समूह को संबोधित करते हुए बैंक को लूटकर भागे हुए विजय माल्या, नीरव मोदी, ललित मोदी और मेहुल चौकसी जैसे लोगों को जल्द से जल्द देश में लाने और अपराधिक मामले के तहत कार्यवाही करने की मांग की. उन्होंने मांग की कि वन टाइम सेटलमेंट की स्कीम बंद कर दिवालिया कंपनी के मालिकों के निजी संपतियों से लोन वसूल करने की मांग की. आरबी सहाय ने विलय किए गए बैंको के शाखों को बंद करने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे ग्राहकों को विशेष रूप से सीनियर सिटीजन को असुविधा का सामना करना पड़ेगा. ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन ने “राष्ट्रीयकृत बैंक बचाओ-देश बचाओ” का नारा लगाया है. इन लोगों ने आम जनता से अपील की है कि बैंक के राष्ट्रीयकरण के लिए बैंक कर्मियों के संघर्ष में शामिल हों. “पंजाब नेशनल बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन (झारखंड राज्य) ने पंजाब नेशनल बैंक बिष्टुपुर के समक्ष “राष्ट्रीयकरण दिवस” समारोह का आयोजन किया जिसे “पंजाब नेशनल बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन (झारखंड राज्य)के महासचिव आरए सिंह और उप महासचिव हीरा अरकने ने संबोधित किया. इस मौके पर भी लड्डू भी बांटे गये. झंडोतोलन के पश्चात झारखंड प्रदेश बैंक इम्प्लाइज के पदाधिकारी स्वर्णरेखा बर्निग घाट पहुंचे. यहां 52वें बैंक राष्ट्रीयकरण दिवस के अवसर पर कोविड काल में ऐसे शवों का दाह संस्कार करनेवाले, गणेश राव को सम्मानित किया गया, जिन्हे उनके परिजन या अस्पताल के कर्मचारी छोड़ जाते थे. गणेश राव और गौतम आचार्य को फूल माला पहनाकर और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा इस कार्य में लगे 20 लोगों को उनके कार्य के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान किया और यूनियन की ओर से जरूरत पड़ने पर आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया.




