
जमशेदपुर : टाटा स्टील की ओर से सीआरएम बारा कांप्लेक्स में नये रेन वाटर हारवरेस्टिंग तालाब का उदघाटन किया गया. टाटा स्टील के वीपी सीएस चाणक्य चौधरी, वीपी स्टील सुधांशु पाठक और वीपी सप्लाइ चेन पियुष गुप्ता, टाटा स्टील के चीफ कारपोरेट एडमिनिस्ट्ररेशन रितुराज सिन्हा, चीफ टाउन इंफ्रास्ट्रक्चर व लॉजिस्टिक राजीव कुमार, टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (जुस्को पहले) के एमडी तरुण डागा ने संयुक्त रुप से मौजूद थे. इस मौके पर अपने संबोधन में वीपी सीएस चाणक्य चौधरी ने कहा है कि टाटा स्टील जैवविविधता (बायोडाइवर्सिटी) के संरक्षण, संवर्धन और उसको फिर से पुर्नजीवित करने के लिए कृतसंकल्पित है. पानी के सही इस्तेमाल और वाटर लेवल को बेहतर बनाने के लिए इस तरह के कई कदम उठाये जा रहे है. वीपी स्टील सुधांशु पाठक ने कहा कि इस तरह के इको फ्रेंडली इनिशिएटिव से पानी के बचाव और स्थायी विकास को बल मिलेगा. (पूरी खबर नीचे पढ़ें)

वाटर बॉडी को विकसित करने से पानी की स्थिति बेहतर होगी और स्थानीय जैवविविधता बेहतर हो सकेगी. वीपी पीयुष गुप्ता ने इस मौके पर बायोडाइवर्सिटी के संरक्षण को लेकर उठाये गये कदम की सराहना की और कहा कि उस इलाके में फाउंटेन की भी स्थापना की जायेगी. टाटा स्टील ने सीआरएम बारा में बेकार पड़े पानी के जमाव होने वाले स्थान को 2020-2021 में विकसित किया था ताकि वहां के वाटर लेवल में बढ़ोत्तरी हो सके. अब इसको नये सिरे से बनाया गया है, जिसके बाद इसकी क्षमता 95000 क्यूबिक मीटर पानी का हो चुका है. 20 एकड़ में फैले इस तालाब के आसपास हरियाली भी है. अभी वहां 15 एकड़ में एक और पानी के संरक्षण को लेकर एक और तालाब बनाने की योजना है, जो सीआरएम बारा कांप्लेक्स में स्थापित की जायेगी. टाटा स्टील जल संरक्षण और जैवविविधता की दिशा में लगातार काम कर रही है और पहली बार किसी कारपोरेट घराने ने 2016 में अपना बायोडाइवर्सिटी पॉलिसी की घोषणा की है. बेहतर कल के लिए यह फैसला लिया गया है.





