
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सोनारी गुरुद्वारा मैदान में बुधवार की सुबह सोनारी पुलिस पूरे दल-बल के साथ पूजा स्थल पर पहुंची एवं 21 फीट की बन रही मूर्ति के कारीगरों को काम रोकने का आदेश दिया और पूजा के संस्थापक असित मोएत्रा को थाने ले गयी. इसकी सूचना जमशेदपुर दुर्गा पूजा केन्द्रीय समिति के सचिव अरुण सिंह को मिली, जिसके पश्चात समय की मांग को देखते हुए अरुण सिंह सोनारी थाना पहुंचे और थाना प्रभारी से इस मामले में बात की. थाना प्रभारी का यह कहना था कि कमिटी के बीच में विवाद है और ऊपर से आदेश ना होने के कारण मूर्ति निर्माण को रुकवा दिया गया है. साथ ही यह भी बताया गया कि उच्च अधिकारी द्वारा श्री मोएत्रा को थाना में बैठाने का आदेश था, परंतु अधिकारी के नाम का उन्होंने खुलासा नहीं किया. इसके पश्चात जमशेदपुर केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के सचिव अरुण सिंह जिला उपायुक्त के कार्यालय पहुंच उनसे मिले एवं इस विषय पर अपनी बातों को रखा और सोनारी थाना द्वारा किए गए इस कार्य से उन्हें रूबरू कराया. उपायुक्त सूरज कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोनारी थाना प्रभारी को मोएत्रा को छोड़ने का निर्देश दिया जिसके पश्चात थाना प्रभारी ने पीआर बांड पर उन्हें छोड़ दिया. इसके उपरांत अरुण सिंह की उपायुक्त से इस पूरे प्रकरण पर एक बैठक हुई, जिसमें उपायुक्त ने स्पष्ट रुप से कहा कि कोरोना के गाइडलाइन को मद्देनजर रखते हुए ही पूजा होनी चाहिए परंतु श्री मोइत्रा की मन्नत और आस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन उन्हें उस 21 फीट की मूर्ति की निजी रूप से पूजा करने के लिए आदेश देगी. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पूजा चारों ओर से घिरे पंडाल में होगी, जिसमें श्री मोइत्रा के परिवार और उनके मित्र के अलावा सार्वजनिक रूप से किसी की भी भागीदारी नहीं होगी. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि पुरानी पूजा कमेटी पूरा कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए 5 फीट की मूर्ति की पूजा करेगी. साथ ही उपायुक्त ने जमशेदपुर दुर्गा पूजा केन्द्रीय समिति और श्री मोइत्रा से एफिडेविट की मांग की जिसमें स्पष्ट रूप से यह लिखा हो कि जारी नियमों के मद्देनजर पूजा होगी एवं जमशेदपुर दुर्गा पूजा केन्द्रीय समिति के पूर्ण रूप से मॉनिटरिंग की जिम्मेवारी होगी. उपायुक्त सूरज कुमार के स्पष्ट दिशा-निर्देश के उपरांत संध्या में केंद्रीय पूजा समिति और क्लब की कमेटी के साथ बैठक हुई जिसमें सर्वप्रथम उनके विवादों को सुलझाया गया, जिसके उपरांत यह स्पष्ट रूप से सबकी मंजूरी के साथ फैसला लिया गया कि मैदान में असित मौइत्रा की एक निजी पूजा होगी और पुरानी कमेटी की एक सार्वजनिक पूजा पूरे कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए होगी. चूंकि बुधवार को कोर्ट बंद होने के कारण शपथ पत्र नही दिया जा सका था. गुरुवार को ज़िला प्रशासन को शपथ पत्र दे दिया गया है. असित मोईत्रा एवं जमशेदपुर दुर्गा पूजा केन्द्रीय समिति एवं उपायुक्त का इस निर्णय के लिए आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया.





