
नयी दिल्लीः हाल के दिनों में दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रोन मिलने के बाद पूरी दुनिया में लोगों की चिंता इस वैरियंट ने बढ़ा दी है. भारत देश में ओमिक्रान के 21 मामले सामने आए है. सबसे ज्यादा मामले राजस्थान में मिले है. राजस्थान में 9, कर्नाटक में दो, महाराष्ट्र में एक कुल पांच राज्य को मिलाकर इनकी संख्या 21 तक पहुंच गयी है. इसके बाद इन ने एतिहात के तौर पर सर्तकता बढ़ा दी है. कई देशों ने भारत से आने वाले उड़ान पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. जिसके बाद कई राज्यों ने यात्रियों के आने जाने पर जांच करने के बाद ही इंट्री के लिए नियम बनाए है. इसके बाद लोगों में नयी चिंता की लहर देखी जा रही है. कोरोना वायरस का यह नया वैरिएंट अब तक का सबसे खतरनाक वैरिएंट बताया जा रहा है. ओमिक्रोन की सबसे पहले पहचान दक्षिण अफ्रीका में हुई, लेकिन अब कोरोना वायरस का यह खतरनाक वैरिएंट भारत समेत यूरोप और एशिया में अपना पांव पसार चुका है. इसके बाद इस वैरिएंट से पूरी दुनिया में खलबली मच गई है. (नीचे भी पढे)
यह नया वैरिएंट तेजी से फैलने वाला है. यह भी कहा जा रहा है कि नए वैरिएंट के लिए एक नई वैक्सीन की तैयारी चल रही है. इस मामले में लंदन स्कूल आफ हाइजीन एंड ट्रापिकल मेडिसिन में वायरोलाजी के प्रोफेसर पोली राय का मत है कि यह वैरिएंट कोरोना के अन्य वैरिएंट की तरह है और टीकाकरण की प्रक्रिया इसके प्रसार को रोक सकती है. टीकाकरण होने के बाद इसके प्रसार में कमी आती है. ऐसा विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के डबल डोज लेने के बाद किसी भी रोग को रोकने के क्षमता बढ़ जाती है. इसकी आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि टीका वायरस को रोकने में बहुत हद तक कारगर साबित हो सकता है. (नीचे भी पढे)
विशेषज्ञों की रायः यह वायरस कितना खतरनाक है और मौजूदा टीका इस पर कितना प्रभावकारी है. यह सवाल अभी भी लोगों के लिए जिज्ञासा का विषय है. उनका मानना है कि भले ही इस वायरस के बारे में जानकारी दक्षिण अफ्रीका में हुई हो, लेकिन इसका अस्तित्व कई मुल्कों में पहले से रहा है. उनका कहना है कि यह उतना खतरनाक नहीं है, जितना कि इसके बारे में कहा जा रहा है. उन्होंने कहा कि डेल्टा संस्करण के बारे में भी यही अवधारणा थी, जब यह वैरिएंट पहली बार उभरा तो सभी ने सोचा था कि इस गंभीर बीमारी से और कई मौतें और हो सकती हैं. (नीचे भी पढे)
यह भी कहा गया कि इस पर टीका प्रभावकारी नहीं होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस वैरिएंट की पहचान की गई और इस पर टीका विकसित किया गया और यह प्रभावशाली भी रहा. कई मुल्कों में टीकों को बकवास कहा जा रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि कोरेाना वायरस के खिलाफ बनाए गए सभी टीके असरदार है. उन्होंने कहा कि सभी मुल्क अपनी वैक्सीन खुद बनाने की कोशिश करे तो बेहतर होगा. अन्यथा सभी की रक्षा करना संभव नहीं है. उनका मत है कि जहां टीका उपलब्ध है, वहां के लोगों को टीका लेना चाहिए. युवाओं में भ्रांतियां है कि टीके बेअसर है. खासकर भारत में यह भ्रांति अभी भी है. उन्होंने कहा कि अगर आप टीका लिए हैं तो बीमार होने की संभावना कम है. यदि वायरस से आप संक्रमित होते हैं तो इसका असर कम होगा. (नीचे भी पढे)
जानें क्या है ओमिक्रान कोरोना वायरसः ओमिक्रान कोरोना वायरस का नया वैरिएंट है। इसे ओमिक्रोन (बी.1.1.529) नाम दिया गया है. इस वैरिएंट के कुल 50 तरह के म्यूटेशन है. इसमें 30 स्पाइक प्रोटीन है. वैरिएंट की यह खासियत उसको अधिक संक्रामक और खतरनाक बनाती है. चिंता की बात वैरिएंट के 50 म्यूटेशन है. इसे डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा संक्रामक बताया है. वास्तव में म्यूटेशन एक गुच्छे की तरह है और यह पहले फैलने वाले वैरिएंट से पूरी तरह से अलग है. इसके साथ इसमें 30 स्पाइक प्रोटीन हैं. (नीचे भी पढे)
वायरस के आंतरिक संरचना में स्पाइक प्रोटीन ही वह हिस्सा होता है, जहां वैक्सीन असर करती है. भारत में कहर मचाने वाले डेल्टा वैरिएंट के रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में दो म्यूटेशन थे, जबकि इस वैरिएंट में 10 तरह के म्यूटेशन है. यह वायरस का वह हिस्सा होता है, जो हमारे शरीर के सेल्स के संपर्क में आता है. इसलिए यह वैरिएंट ज्यादा संक्रामक माना जा रहा है.





