
रांचीः गुरूवार 9 दिसंबर को झारखंड कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में कुल 21 प्रस्तावों पर सरकार ने मुहर लगायी. कैबिनेट में धान खरीद को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. जिससे उम्मीद की जा रही है कि राज्य के किसानों को सहूलियत होगी. इसके अलावा बैठक में कोर्ट के वादों पर कोर्ट फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है.(नीचे भी पढ़े)
राज्य के 183 अराजकीय मदरसों के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों के अनुदान भुगतान के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी है. धनबाद के मनियाडीह-कोलहर मोड़ तक 12.81 किलोमीटर तक ग्रामीण विभाग के पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने और उसके चौड़ीकरण के लिए 30 करोड़ 73 लाख रुपए की मंजूरी दी गयी है. (नीचे भी पढ़े)
साथ ही देवघर जिले के बाराटांड से जरमुंडी तक 32 किलोमीटर तक सड़क मरम्मत के लिए 25 करोड़ 60 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे. कोषागार से डीबीटी के जरिए भुगतान के लिए एनएसीएच लागू करने पर सहमति बनी है. बैठक में सबसे महत्वपूर्ण धान खरीद के लिए सरकार बैंक आफ इंडिया व स्टेट बैंक इंडिया से 1552 करोड रुप कर्ज लेगी. (नीचे भी पढ़े)
किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य( एमएसपी) पर धान खरीदने के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2021- 22 के लिए धान अधिप्राप्ति योजना के तहत किसानों से एमएसपी पर धान खरीदने के लिए कृषि विभाग को पैसों की जरुरत पड़ेगी. इसके लिए सरकार ने बैंक आफ इंडिया से 776 करोड़ व स्टेट बैंक आफ इंडिया से 776 रुपए यानी कुल मिलाकर सरकार 1552 करोड़ बैंक से कर्ज लेगी. (नीचे भी पढ़े)
राज्य सरकार की गारंटी पर कर्ज लेने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी गयी है. सरकार ने इस साल 8 लाख मैट्रिक टन धान खरीदारी करने का लक्ष्य रखा है. जिसमें 1552 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है.





